खीर भवानी मेला आतंकी दहशत पर भारी, कल जुटेंगे बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित

जम्मू
कश्मीर घाटी में आतंकवादियों के लगातार हमले और हिंदुओं के कत्लेआम की घटनाओं के बाद भी लोगों का हौसला नहीं टूटा है। मशहूर खीर भवानी मेले के लिए बड़ी संख्या में गांदरबल पहुंच रहे हैं। मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच लगभग 250 श्रद्धालु, सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई बसों से जम्मू से रवाना हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। खीर भवानी मेले की शुरुआत 8 जून से होने वाली है। हर साल यह मेला लगता रहा है, जिसे कश्मीरी पंडितों की पहचान माना जाता है। इस मंदिर में कश्मीरी पंडितों की गहरी आस्था रही है।

मंगलवार को जो श्रद्धालु जम्मू के लिए रवाना हुए हैं, उनमें से ज्यादातर विस्थापित कश्मीरी पंडित समुदाय के हैं। प्रसिद्ध राज्ञा देवी मंदिर में हर साल आयोजित होने वाला माता खीर भवानी मेला विस्थापित समुदाय के सबसे बड़े धार्मिक कार्यक्रमों में से एक है। कोविड-19 के कारण दो साल तक बंद रहने के बाद इस साल यह आठ जून को मनाया जा रहा है। घाटी में हाल में लक्षित हत्याओं के कारण आमतौर पर होने वाली भीड़ नहीं दिख रही है। जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने जम्मू के बाहरी इलाके में स्थित नगरोटा से यात्रा को रवाना किया। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

रमेश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'लगभग 250 कश्मीरी पंडित और जम्मू के स्थानीय लोग कश्मीर के लिए रवाना हुए हैं। सरकार ने सुरक्षित तीर्थयात्रा के लिए आवश्यक इंतजाम किए हैं।' उन्होंने कहा कि तीर्थयात्री बुधवार को मंदिर में दर्शन करेंगे और एक दिन बाद जम्मू लौट आएंगे। गौरतलब है कि कश्मीरी पंडितों और प्रवासी हिंदुओं की हत्याओं के बाद खीर भवानी मेले के रद्द होने की चर्चा थी, लेकिन प्रशासन ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। माना जा रहा है कि मेले को कैंसल करने से आतंकवादियों के हौसले बढ़ते। ऐसे में प्रशासन ने मेले को कड़ी सुरक्षा के बीच ही जारी रखने का फैसला लिया।

 

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