यह डिब्बाबंद भोजन जो विभिन्न प्रकार के कैंसर का कारण बन सकते हैं

स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ भोजन करना जरूरी है। स्वस्थ और पौष्टिक भोजन के बिना कोई भी व्यक्ति जल्दी बीमार पड़ सकता है। इस ग्रह पर हर इंसान को जीवित रहने के लिए पौष्टिक और स्वच्छ भोजन की आवश्यकता होती है। स्वस्थ और अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन क्यों जरूरी है, इस बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (World Food Safety Day) मनाया जाता है।

हर साल वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे की थीम अलग-अलग होती है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने इस बार यानी 2022 में इस दिवस की थीम 'सुरक्षित भोजन, बेहतर स्वास्थ्य' (Safer food, better health) है। इस अवसर हम आपको कुछ ऐसे पैकेज्ड फूड के बारे में बता रहे हैं, जो कैंसर (Cancer) सहित कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों की वजह बा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि खतरे को जानते हुए बहुत से लोग इनका सेवन करते हैं।

डिब्बाबंद टमाटर

भोजन के डिब्बों में बिस्फेनॉल-ए (बीपीए) पाया जाता है। यह एक खतरनाक रसायन है, जिसे कैंसर और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा गया है। टमाटर बहुत अम्लीय होते हैं और यही वजह है कि यह डिब्बे में बीपीए का लेवल और ज्यादा बढ़ा सकते हैं।

आलू के चिप्स

आलू में स्टार्च की मात्रा अधिक होती है। जब आलू को हाई टेम्प्रेचर पर पकाया जाता है, तो इसमें एक्रिलामाइड रसायन पैदा हो सकता है। यह कुछ औद्योगिक प्रक्रियाओं में उपयोग किया जाने वाला रसायन है, जो सिगरेट के धुएं में भी पाया जाता है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, एक्रिलामाइड कैंसर का कारण बन सकता है।

प्रोसेस्ड मीट

दुनिया में हर जगह पर फ्रेश मीट नहीं मिलता है इसलिए बहुत से लोग डिब्बाबंद मीट का इस्तेमाल करते हैं। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने प्रोसेस्ड मीट को कैंसर बनाने वाले खाद्य पदार्थों की लिस्ट में रखा है।

डेयरी प्रोडक्ट

बेशक डेयरी प्रोडक्ट शरीर में कैल्शियम की कमी पूरी करते हैं लेकिन इनके अधिक सेवन से आपको प्रोस्टेट कैंसर का खतरा हो सकता है। प्रोसेस्ड पनीर, फ्लेवर्ड योगर्ट, आइस क्रीम, मिल्कशेक, स्मूदी, मिल्क चॉकलेट, मीठा गाढ़ा दूध, आदि भी कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जो कैंसर के जोखिम को बढ़ा रहे हैं।

ब्रेड

ब्रेड एक ऐसा फूड है, जिसे पूरी दुनिया में खाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि ब्रेड बनाते समय आटे को अधिक लोचदार बनाने के लिए इसमें पोटेशियम ब्रोमेट का इस्तेमाल किया जाता है। कई स्वास्थ्य संगठनों ने इसे कैंसर का कारण माना है।

साल्टेड फिश (चाइनीज स्टाइल)

सल्टिंग एक ऐसा पारंपरिक तरीका है जिसमें चीजों को लंबे समय तक ठीक रखने के लिए किया जाता है। यह तरीका खासकर दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन में मछलियों को ठीक रखने के लिए किया जाता है। दुर्भाग्य से यह तरीका कैंसर का कारण बन सकता है।

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