प्रमुख सचिव के आदेश को नलखेड़ा में नहीं मान रहे अधिकारी
( अमिताभ पाण्डेय )
अपनी खबर, भोपाल
मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव ने पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में सी एम राइस स्कूलों के स्टाफ और भवन को शामिल नहीं करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। आगर जिले की नलखेड़ा तहसील में इसका पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है। वहां के तहसीलदार का कहना है कि प्रमुख सचिव का आदेश मेरी जानकारी में नहीं है।
हमें कलेक्टर से जो निर्देश मिलेंगे उसका पालन किया जाएगा । तहसीलदार ने सी एम राइस स्कूल के शिक्षक की ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगा दी है । वे प्रमुख सचिव के निर्देश को भी नहीं मानना चाहते हैं।
उल्लेखनीय उल्लेखनीय है कि 20 मई 2022 को स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने मध्य प्रदेश के सभी संभाग आयुक्त जिला कलेक्टर जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर यह निर्देश दिए थे कि सीएम राइस विद्यालयों के अमले एवं भवनों को गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्त रखा जाए ।
इस पत्र में उन्होंने बताया कि सीएम राइस स्कूलों में पठन-पाठन की प्रक्रिया बाधित नहीं होना चाहिए ।
इसके लिए सीएम राइस स्कूल के स्टाफ और भवन को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाना सुनिश्चित किया जाए । प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग का यह पत्र सभी जिलों में पहुंचा है लेकिन आगर जिले की नलखेड़ा तहसील के तहसीलदार इस पत्र पर कार्यवाही नहीं करना चाहते ।
वह कहते हैं कि उन्हें प्रमुख सचिव के पत्र की जानकारी नहीं है और उन्होंने सीएम राइस स्कूल के शिक्षक की ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगा दी है। तहसीलदार द्वारा पंचायत चुनाव में शिक्षक की ड्यूटी लगाने के बाद शिक्षक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वह सीएम राइस स्कूलों में अपना पठन-पाठन का काम करें या पंचायत चुनाव में तहसीलदार द्वारा लगाई गई ड्यूटी पर जाएं ? ऐसी स्थिति में शिक्षक परेशानी में है और उन्हें समझ नहीं आ रहा क्या किया जाए ?
इस बारे में जिला कलेक्टर से हमारे संवाददाता की चर्चा नहीं हो सकी ।
जिला कलेक्टर को स्पष्ट निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से दिए गए थे इसके बाद भी तहसीलदार द्वारा शिक्षकों की ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगाई जाना तहसीलदार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। सूत्रों के अनुसार पिछले लगभग 6 माह से 3 शिक्षकों को तहसीलदार ने तहसील कार्यालय में मौखिक आदेश से काम पर लगा रखा है । ये शिक्षक सी एम राइस स्कूल के नहीं हैं लेकिन इनके तहसील में काम करने से संबंधित स्कूल का शिक्षण कार्य तो प्रभावित हो ही रहा है।
