5 जिलों को कैच द रेन के लिए केंद्र ने सराहा, मानसून सीजन में मिलेगी अभियान को और गति

भोपाल
केंद्र सरकार के कैच द रेन अभियान के लिए काम करने के मामले में मध्यप्रदेश में स्थापित किए गए 22 जल शक्ति केंद्रों में पांच जिलों की केंद्र ने सराहना की है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने रीवा, इंदौर, बालाघाट, धार और मंडला जिलों की सराहना करते हुए कहा है कि इन जिलों ने इस अभियान में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में अपना स्थान बनाया है। आगामी मानसून सीजन में इस अभियान को फिर गति देने के आह्वान के साथ केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि इस साल जलशक्ति अभियान कैच द रेन 2022 शुरू करने की तैयारी केंद्र सरकार ने की है। अभियान सभी जिलों के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 30 नवम्बर 2022 तक चलाया जाएगा।

यह करना होगा अभियान में
इस अभियान में जो गतिविधियां तय की गई हैं, उनमें गहन वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण का काम शामिल है जिसमें भवनों पर रूफटाप, वर्षा जल संरचनाएं बनाना और परिसरों में जल संचयन गड्ढे बनाना शामिल हैं। मौजूदा समय में नए चेकडैम, तालाबों का निर्माण, पारंपरिक जल संचयन संरचनाओं का नवीनीकरण, तालाबों, झीलों और कैचमेंट चैनल का अतिक्रमण हटाने, टैंकों का गाद निकालना, बोरवेल का पुन: उपयोग करना शामिल है। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में इस अभियान को गति देने के लिए निर्देशित करने को कहा है। इसके साथ ही वाटरशेड विकास, छोटी नदियों और नालों का संरक्षण, कैचमेंट क्षेत्र की सुरक्षा, जल निकायों की गणना, भू टैगिंग और सूची बनाना, जल संरक्षण के लिए वैज्ञानिक योजना तैयार करना, सभी जिलों में जल शक्ति केंद्रों की स्थापना, गहन वनारोपण करना भी अभियान की गतिविधियों के दायरे में आएगा।

यह बताई एमपी की प्रोग्रेस
केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि  एमपी ने 2.27 लाख जल संबंधित कार्य मार्च 2022 तक पूरे किए हैं। इसमें 1.06 लाख जल संरक्षण और जल संरचनाओं का निर्माण, रखरखाव, 3793 पारंपरिक जल निकायों का नवीनीकरण शामिल है जिसमें 19225 पुन: उपयोग और पुनर्भरण की संरचनाएं हैं। 15.14 लाख वनरोपण कार्य के अलावा 97822 वाटरशेड विकास कार्य भी किए गए हैं। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद प्रदेश के जल संसाधन विभाग ने इसके लिए सभी मुख्य अभियंताओं को पत्र लिखकर मानसून अवधि के पहले जल संग्रहण की व्यवस्थाओं को पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।

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