ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा में IPTA ने किया संविधान के मूल्यों को बचाने का आह्वान
भोपाल के गांधी भवन में भव्य स्वागत के बाद गीत, नारों और गायन से गूंजा प्रांगण, "डकैत चूहे" और "चंपक वन" नाटक का मंचन
( अमिताभ पाण्डेय )
भोपाल। ( अपनी खबर )
प्रेम , बंधुत्व, एकता , सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लेकर एकजुट हुए प्रगतिशील विचारधारा के संस्कृतिकर्मियों का काफिला आज भोपाल पहुंच गया। यहां गांधी भवन में इसका जोरदार स्वागत हुआ । इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में भारतीय जन नाट्य संघ के महासचिव राजेश वेदा के साथ ही अन्य वक्ताओं ने अपने संबोधन में संविधान के मूल्यों को बचाने का आह्वान किया ।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए इप्टा की मध्यप्रदेश इकाई के सचिव सचिन श्रीवास्तव ने अपनी खबर को बताया कि आज़ादी के 75 वें वर्ष में पांच राज्यों से होकर गुजरने वाली "ढाई आखर प्रेम" की सांस्कृतिक यात्रा छत्तीसगढ़, झारखण्ड, बिहार, उत्तर प्रदेश होते हुए 41वें दिन भोपाल पहुंची है। इस दौरान विभिन्न राज्यों के गांव शहरों में 250 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम हो चुके हैं।
आज भोपाल में गांधी भवन में यात्रा का भव्य स्वागत करने के बाद 'हम गली-गली में प्यार की शम्मा जलायेंगे', 'जब तक रोटी के प्रश्नों पर रखा रहेगा भारी पत्थर….. आदि जनगीतों और गायन से इप्टा के साथियों ने इंकलाबी माहौल बना दिया।
दीपक नेमा के निर्देशन में "चंपक वन" और योगेश परिहार के निर्देशन में "डकैत चूहे" नाटक का मंचन हुआ।
इससे पहले यात्रा में शामिल इप्टा के 21 साथियों का स्वागत करते हुए उन्हें 20 किताबों और पुस्तिकाओं का सेट दिया गया। यह पुस्तिकाएं और किताबें एकलव्य, एका और इप्टा की ओर से दी गईं।
उल्लेखनीय है कि इस यात्रा के साथ जो साथी भोपाल पहुंचे हैं, उनमें से इप्टा के राष्ट्रीय महासचिव राकेश वेदा (लखनऊ), छत्तीसगढ़ के इप्टा अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव (भिलाई), अशोक शिरोड़े (बिलासपुर), विनोद कोष्टी (दिल्ली), वर्षा (दिल्ली), मनीष श्रीवास्तव (दिल्ली), मालांचा (दिल्ली), निसार अली (रायपुर), अमिताभ पांडे (दिल्ली), हरनाम सिंह (इंदौर), राहुल (इंदौर), अनिल दुबे (गुना), कृष्णा दुबे (गुना) , योगेश सिंह (गुना), सुमित बुनकर (गुना), ब्रजेश कुशवाहा (गुना), रामदुलारी शर्मा (अशोकनगर), अरबाज खान (अशोक नगर), रजनीश साहिल (दिल्ली), मृगेन्द्र (अशोकनगर) और विहान उर्फ चीकू (दिल्ली) शामिल हैं।
आज गांधी भवन में कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में इप्टा के राष्ट्रीय महासचिव राकेश वेदा ने कहा कि यह यात्रा संवैधानिक मूल्यों को लेकर, देश के नायकों के आंगन की मिट्टी एकत्र करते हुए और प्रेम सद्भाव का संदेश देते हुए गांव, देहात, शहर कस्बों से होते हुए जनता के साथ संवाद करते हुए गुजर रही है।
स्वागत भाषण देते हुए भोपाल की आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश जोशी ने कहा कि भोपाल में इप्टा की यह यात्रा सांस्कृतिक आंदोलन के लिए मील का पत्थर साबित होगी और नए संस्कृति कर्म की शुरुआत करेगी, जो प्रेम और भाईचारे की तहजीब को आगे ले जायेगा।यह यात्रा 20 मई को भोपाल के इतवारा चौक, ऐशबाग और हाथीखाना में कार्यक्रम के बाद इंदौर के लिए रवाना होगी।भोपाल आने से पहले सीहोर के श्यामपुर दोराहा और गांधीनगर में भी ढाई आखर प्रेम यात्रा का स्वागत किया गया।
मुख्य कार्यक्रम गांधीभवन में 19 मई को हुआ। इस दौरान नाटक, गीत, गायन और वादन से संबंधित कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम का संचालन सत्यम सागर पाण्डेय ने किया। धन्यवाद ज्ञापन इपटा भोपाल के अध्यक्ष शैलेंद्र शैली ने दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए इप्टा के साथी, लेखक, कवि, बुद्धिजीवी व भारी तादाद शहर के आमजन शामिल रहे। कार्यक्रम में महिलाओं व बच्चों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
गौरतलब है कि देश के असली नायकों को याद करते हुए, कबीर के प्रेम के संदेश को लेकर 9अप्रैल को छत्तीसगढ़ के रायपुर से शुरू हुई, देश के पांच राज्यों छत्तीसगढ़, झारखण्ड, बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश से होकर गुजरने वाली इप्टा की इस सांस्कृतिक यात्रा का समापन 22 मई को इंदौर में होगा।
आप गांधी भवन में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार लज्जाशंकर हरदेनिया , अनुराग द्वारी , सुनील गुप्ता , सामाजिक कार्यकर्ता नगीन तनवीर , कुमुद सिंह , आशा मिश्रा , जावेद अनीस, उपासना बेहार , डाक्टर राहुल शर्मा , रामकुमार विधार्थी , सहित अनेक युवक, युवतियां महिलाएं और बच्चे भी उपस्थित थे।
