पीओएस मशीनों से चालानी कार्यवाही में आयेगी गति : एडीजी जनार्दन

भोपाल

आवागमन को सुरक्षित बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। बैंकों से पीओएस मशीनों के लिये करार किया जा रहा है। इससे चालान वसूली में गति आयेगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पीटीआरआई) जी. जनार्दन ने बताया कि दुर्घटनाओं में कमी के लिये यातायात नियमों का पालन कराना जरूरी है। आवश्यक है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से अर्थदण्ड की वसूली सुनिश्चित की जाये। उन्होंने बताया कि स्पॉट पर ही अर्थदण्ड वसूली के लिये बैंक ऑफ इण्डिया से एमओयू साइन किया गया है। इसका लाभ 12 जिलों में अर्थदण्ड वसूली में मिलेगा।

एडीजी जनार्दन ने बताया है कि पुलिस मुख्यालय में बैंक ऑफ इण्डिया के जोनल मैनेजर दीपक कुमार गुप्ता के साथ एमओयू साइन किया गया। करार अनुसार वर्ल्ड लाइन कम्पनी की 600 प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें चालान वसूली के लिये मिलेंगी। इनसे जबलपुर संभाग के 5 जिलों, देवास संभाग के 4 जिलों एवं शहडोल संभाग के 3 जिलों में मशीनें आवंटित की जाकर चालान वसूली की जायेगी। जनार्दन ने बताया कि अब तक बैंक ऑफ महाराष्ट्र, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया और बैंक ऑफ इण्डिया के साथ पीओएस मशीनों के लिये करार किया जा चुका है। इन तीनों बैंकों से साइन हुए एमओयू अनुसार लगभग 1200 पीओएस मशीनें मिल रही हैं, जिनका उपयोग 34 जिलों में किया जाकर अर्थदण्ड वसूली की कार्यवाही में तेजी आई है।

पुलिस मुख्यालय में हुए एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में बैंक ऑफ इण्डिया के जनरल मैनेजर लोकेश कृष्णा, वाइस प्रेसीडेंट वर्ल्ड लाइन कम्पनी गुलशन पूथी, विशेष पुलिस महानिदेशक (जेल) अरविंद कुमार, एडीजी वेलफेयर विजय कटारिया, एडीजी एससीआरबी चंचल शेखर, एडीजी एसएएफ श्रीनिवास वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

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