कांग्रेस का माइक्रो मैनेजमेंट, हर विधानसभा में बनेंगे सहप्रभारी
भोपाल
मिशन 2023 के चलते प्रदेश कांग्रेस अब माइक्रो मैनेजमेंट में जुट गई है। इसके चलते वह अब बूथ स्तर तक अपना मैनेजमेंट पहुंचाने और बूथ स्तर तक की जानकारी से प्रदेश कांग्रेस को अपडेट करवाने की मुहिम में जुट गई है। प्रदेश कांग्रेस ने तय किया है कि माइक्रो मैनेजमेंट के तहत वह अब प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में सहप्रभारी बनाएगी।
यह सहप्रभारी हर जिले के प्रभारियों के साथ काम करेंगे। जिला प्रभारियों को हर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक सहप्रभारी मिलेगा। सहप्रभारी मंडलम, सेक्टर से लेकर बूथ स्तर तक की बैठक करेंगे। सह प्रभारियों की सूची लगभग तैयार कर ली गई है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ की हरी झंडी मिलते ही इसे जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद इन्हें क्षेत्रों में भेजा जाएगा। इससे पहले इन्हें बताया जाएगा कि विधानसभा क्षेत्रों में किन-किन बिंदुओं पर सबसे ज्यादा फोकस करना है। बताया जाता है कि सहप्रभारियों की जिम्मेदारी जिले की सैकेंड लीडरशिप वाले नेताओं को दी जाएगी, लेकिन स्वयं के जिले के विधानसभा क्षेत्र का सहप्रभारी किसी को नहीं बनाया जाएगा। उन्हें दूसरे जिले के विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए जिलों से सहप्रभारियों के लिए नाम बुलाए गए थे, अब जल्द ही इन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाने वाली है।
मंडलम-सेक्टर का दायरा भी किया कम
इस बार कांग्रेस ने सेक्टर और मंडलम के क्षेत्र को भी छोटे कर माइक्रो मैनेजमेंट की तैयारी पहले से ही कर रखी थी। सेक्टर और मंडलम की संख्या बढ़ाकर और उनका एरिया कम कर पार्टी ने ऐसा किया है। नए बनाए गए सेक्टर और मंडलमों में कार्यकारिणी से चुनाव तक कैसे काम लिया जाए, बूथ कमेटियों को अभी से कैसे एक्टिव किया जाए, यह जिम्मेदारी देकर सह प्रभारियों को क्षेत्रों में भेजा जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि इनकी नियुक्ति करने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी सह प्रभारियों की बैठक कर सकते हैं। इस बैठक में उन्हें किस तरह से काम करना होगा यह बताया जाएगा।
