पिछड़ी जनजातियों पर विशेष ध्यान देना होगा
भोपाल
म.प्र. में जनजातीय विकास के लिए निरंतर काम हो रहे हैं। सहरिया, बैगा, भारिया जैसी अत्यंत पिछड़ी जनजातियों के विकास पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। शोध कार्य तब तक सार्थक नहीं हैं जब तक इनसे जनसामान्य लाभान्वित न हो।
अटल विहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान द्वारा नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित दो दिवसीय कोलोक्वियम (विमर्श) में अनुसूचित जनजातियाँ एवं उनके विकास पर आयोजित विशेष सत्र में शोध विद्यार्थियों द्वारा अपनी शोध प्रस्तुतियां दी गईं।
शोध विद्यार्थियों में विनय कुमार शुक्ल, अमृता आनंद, सुप्रिया पाठक, अमरीना शेख ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ श्री वेंकटेश एवं डॉ. नीति राव उपस्थित थे।
