यूक्रेन युद्ध के बीच NATO देशों को ‘ब्लैकमेल’ कर रहा रूस, गैस की कटौती से भड़का यूरोपीय संघ

मास्को
 
यूक्रेन युद्ध के बीच जहां अमेरिका सहित कई पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं वहीं रूस ने भी इस तरह के कई कदम उठाए हैं। रूस की दिग्गज सरकारी एनर्जी कंपनी गजप्रोम ने दो उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन यानी नाटो देशों को नैचुरल गैस की सप्लाई रोक दी है। खबर है कि रूस ने पोलैंड और बुल्गारिया को गैस की सप्लाई कट कर दी है जोकि दोनों ही नाटो देश हैं। गजप्रोम ने बुधवार को कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि यूरोपीय संघ (ईयू) का हिस्सा रहे दोनों देशों ने रूबल (रूसी मुद्रा) में भुगतान करने से इनकार कर दिया। मार्च में, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार यूक्रेन पर अटैक के लिए मास्को के खिलाफ पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के प्रतिशोध में रूबल के अलावा अन्य मुद्राओं में भुगतान स्वीकार नहीं करेगी। रूस ने साफ कहा है कि वह केवल अपनी मुद्रा यानी रूबल में ही भुगतान स्वीकार करेगा।
 
 बताया कि क्रेमलिन ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर वे भुगतान समझौते से सहमत नहीं हैं तो अन्य देशों को भी प्राकृतिक गैस काट दी जाएगी। गजप्रोम ने ये कदम ऐसे समय में उठाया है जब पोलिश सरकार ने गजप्रोम कंपनी और रूसी व्यवसायों और कुलीन वर्गों के खिलाफ प्रतिबंधों के एक नए सेट की घोषणा की थी। इसके कुछ ही घंटों बाद उसने गैस की सप्लाई रोक दी।

पोलिश प्रधानमंत्री माटुस्ज मोराविकी ने बुधवार को संसद को बताया कि उनका मानना ​​है कि यूक्रेन के लिए पोलैंड का समर्थन और मॉस्को पर लगाए गए प्रतिबंध गैस कटौती के पीछे असली कारण थे। दूसरी ओर, बल्गेरियाई प्रधानमंत्री किरिल पेटकोव ने गजप्रोम के इस कदम को ब्लैकमेल बताया, और कहा कि उनकी सरकार इस तरह के रैकेट के आगे नहीं झुकेगी। एपी ने आगे बताया कि पोलैंड और बुल्गारिया में गैस कटौती ने उन्हें तुरंत किसी भीषण परेशानी में नहीं डाला, क्योंकि दोनों देशों को रूस की सप्लाई इस साल के अंत में समाप्त होने की उम्मीद थी।

दोनों नाटो देश अब अपने यूरोपीय संघ के पड़ोसियों से गैस प्राप्त कर रहे हैं। यूरोपीय आयोग के प्रमुख ने गजप्रोम के कदम को 'ब्लैकमेल' बताया। समाचार एजेंसी एएफपी ने बताया कि यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने पोलैंड और बुल्गारिया में गैस कटौती के गजप्रोम के फैसले को 'ब्लैकमेल' कहा।

 

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