इस पड़ोसी देश में भारत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर लगा प्रतिबंध, भारत के खिलाफ बोलना राष्ट्रीय खतरा

माले
हिंद महासागर में भारत के लिए रणनीतिक तौर पर काफी अहम माने जाने वाले पड़ोसी देश मालदीव में भारत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और किसी भी तरह के कैंपेन चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मालदीव के राष्ट्रपति ने आदेश जारी करते हुए किसी भी तरह के भारत के खिलाफ प्रदर्शन को मालदीव की सुरक्षा के खतरा करार दिया है और प्रदर्शनों पर पाबंदी लगा दी है।
 
विरोध प्रदर्शनों पर पाबंदी
मालदीव के राष्ट्रपति ने स्पेशल आदेश जारी करते हुए मालदीव में भारत के खिलाफ किसी भी तरह के कैंपेन चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। मालदीव में पिछले कई महीनों से 'इंडिया आउट' अभियान चलाया जा रहा है, जिसको लेकर राष्ट्रपति ने एक आदेश जारी किए हैं। मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने भारत विरोधी प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने का 'डिक्री' जारी कर दिया है। डिक्री जारी करने का मकसद उकसाने वाले नारों, अभियानों और विरोध को रोकना होता है और मालदीव में पिछले कई महीनों से भारत विरोधी कैंपेन चलाए जा रहे हैं और मालदीव सरकार ने कहा है कि, जो कैंपेन चलाए जा रहे हैं, उससे दोनों देशों के बीच के संबंध खराब हो सकते हैं और क्षेत्र की शांति और सुरक्षा बनाए रखने के प्रयास में बाधा उत्पन्न हो सकता है।
 

राष्ट्रपति ने जारी किए आदेश
मालदीव के राष्ट्रपति सोलिह ने सभी संबंधित अधिकारियों को कानून के उपलब्ध प्रावधानों के तहत कदम उठाकर डिक्री को लागू करने का आदेश दिया है। मालदीव की स्थानीय भाषा धिवेही भाषा में जारी डिक्री में कहा गया है कि, देश में तैनात राजनयिकों और राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना देश का कर्तव्य है। कुछ महीने पहले, भारतीय राजनयिकों को धमकियां दी गई हैं और सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ कैंपेन चलाया गया है, जिसको लेकर सरकार ने भारतीय मिशनों को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला किया है।

 

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