नक्सलवाद के कारण बस्तर के आकांक्षी जिलों के विकास में आ रही है बाधा – रेणुका
जगदलपुर
केंद्रीय जनजातीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि देश के 750 जिले को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहल पर नीति आयोग के द्वारा चिन्हित किया गया। इनमें से 118 ऐसे कमजोर व पिछड़े जिलों को चिन्हित करते यहां सर्वांगीण विकास की योजना बनाने आकांक्षी जिला घोषित किया गया। उन्होंने आकांक्षी जिलों के विषय में बताया कि ऐसे जिलों को 05 मापदंडों में लिया गया है जिसमें पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और किसानों की स्थिति को बेहतर बनाने की पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर के आकांक्षी जिलों के विकास में बाधा आ रही है।
श्रीमती सिंह ने बताया कि कोरानाकाल के चलते पिछले दो साल से इन आकांक्षी जिलों पर कार्य नहीं हो पाया था। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार इन जिलों में क्या कुछ हो सकता है, इस पर योजना बनाई गई है। दक्षिण बस्तर के लाखों लोगों के आंध्रप्रदेश और तेलंगाना पलायन करने पर पत्रकारों के द्वारा पूछे गए सवाल पर उन्होंने 03 लाख ग्रामीणों की बजाय •ेवल 55 हजार ग्रामीणों के पलायन करने की बात स्वीकारी। उन्होंने बताया कि इसके लिए वे तेलंगाना में अधिकारियों से चर्चा की है। साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी इसके लिए प्रयासरत् रहने की बात कही। श्रीमती सिंह ने बताया कि केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय भी बस्तर से पलायन कर चुके लोगों को जल्द से जल्द वापस बस्तर में व्यवस्थापन के लिए उचित कदम उठाया जा रहा है। पत्रकारों के एक सवाल का जवाब देते श्रीमती सिंह ने बस्तर में आदिवासी जनसंख्या वृद्धि दर घटने का कारण परिवार नियोजन पर लोगों में जागरूकता आने की बात कही।
पत्रवार्ता केदौरान पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता केदार कश्यप, जिलाध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, पूर्व विधायक संतोष बाफना, डॉ. सुभाऊ कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रामकुमारी यादव और ममता राणा व अन्य शामिल थे।
