MP Assembly Election 2023 : कर्जमाफी को हथियार बना चुनाव में उतरेगी कांग्रेस
भोपाल
2023 के लिए चुनाव मैदान में उतर रही कांग्रेस ने मेनिफेस्टो के लिए मंथन शुरू कर दिया है. कमेटी बन चुकी है उसने विचार विमर्श शुरू कर दिया है. 2023 के वचन पत्र में अधूरे रह गए पुराने मुद्दों के साथ नये वचन शामिल किए जाएंगे. इसमें किसान कर्ज माफी से लेकर नये मुद्दों पर फोकस रहेगा.
मध्यप्रदेश कांग्रेस ने 2023 के लिए मेनिफेस्टो कमेटी बना दी है. इस कमेटी ने अब प्रदेश से जुड़े तमाम मुद्दों पर मंथन शुरू कर दिया है. वचन पत्र में जनता के साथ हर वर्ग और हर सेक्टर से जुड़े तमाम मुद्दों को शामिल किया जा रहा है. पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा मेनिफेस्टो कमेटी बन चुकी है. उस कमेटी में नहीं हूं. जो काम अधूरा है हम उसे पूरा जरूर करेंगे. पुराने मेनिफेस्टो के बिंदु इस बार भी शामिल किए जाएंगे. साथ ही नये मुद्दों को भी जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा 2023 चुनाव के लिए जमावट शुरू हो गई है. आगे कार्यक्रम होंगे. बैठक भी होगी.
इन मुद्दों पर चर्चा
कमलनाथ की बैठक पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के तंज कसने पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कोई बैठक छोटी या बड़ी नहीं होती. सभी बैठक महत्वपूर्ण होती हैं. बीजेपी पहले अपना घर संभाल ले फिर हमसे बात करे. उनके बारे में कोई टिप्पणी नहीं करूंगा.
बुलडोजर कार्रवाई का विरोध
बुलडोजर की कार्रवाई पर अजय सिंह ने कहा बुलडोजर चलाना ठीक नहीं है. यदि कोई कार्रवाई करना है तो उस मकान को सील कर दीजिए. किसी योजना में उसका इस्तेमाल कर लीजिए. राष्ट्रीय संपत्ति को बुलडोजर से खत्म करने का अधिकार किसी को भी नहीं है. कानून हर आदमी के लिए बराबर है. अपने हाथ में कानून लेकर चलाना किसी का अधिकार नहीं होना चाहिए. प्रजातंत्र में ऐसा अधिकार किसी को नहीं दिया गया है.
अमित शाह को सलाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे पर उन्होंने कहा कि अमित शाह भोपाल आए उनका स्वागत है। उन्हें मंच से ये भी कहना चाहिए कि किसने वन उपज के बोनस की शुरुआत की. जब चुनाव आते हैं तो केंद्रीय मंत्रियों का दौरा शुरू हो जाता है. उनके दौरे से अब ये भी चिंता करनी चाहिए कि कोई दूसरी जानकारी तो लेने नहीं आ रहे हैं.
उमा की मांग का विरोध
उमा भारती की रायसेन में शिव मंदिर खुलवाने की मांग पर अजय सिंह ने कहा पुरातात्विक संपत्ति से किसी भी तरीके की छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए. यह राष्ट्र का फैसला है. यह पुरातत्व से जुड़ा मामला है. उमा सधी हुई नेता हैं. उन्हें ऐसा कहना और हट नहीं करना नहीं चाहिए.
