मिलावटखोरों से वसूली में पन्ना अव्वल, भिंड-नीमच में सबसे ज्यादा मिलावट
भोपाल
मध्यप्रदेश के भिंड, नीमच और धार में खाद्य सामग्री में सर्वाधिक मिलावट की जा रही है। यहां खाद्य विभाग द्वारा लिए गए नमूने सबसे अधिक फेल हो रहे है। मिलावट को रोकने के लिए लिए गए 3235 नमूने फेल हो गये है। प्रदेशभर में मिलावटी कारोबार करने वालों पर 7 करोड़ 82 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है और तेरह करोड़ 24 लाख रुपए की सामग्री जप्त की गई है।
प्रदेश में एक अप्रैल 2021 से अब तक मिलावट से मुक्ति के लिए चलाए गए अभियान के दौरान 17 हजार 29 नमूे लिए गए है। विभिन्न श्रेणियों के तीन हजार 235 नमूने फेल हुए है। मिलावट का कारोबार करने वालों पर कुल 2765 प्रकरण दर्ज किए गए है। इन मामलों में एकडीएम ने 1696 प्रकरणों में व्यापारियों को दोषी पाया गया है।
बारह मामलों में एनएसए
प्रदेश में मिलावटी कारोबार करने वाले लोगों पर बारह मामलों में एनएसए की कार्यवाही की गई है। कुल 37 प्रकरणों में कारावास की सजा दी गई है। खाद्य विभाग ने मिलावटी कारोबार करने वालों से 3 करोड़ 19 लाख रुपए की वसूली की गई है। कुल 257 नई एफआईआर दर्ज की गई है। मिलावटी सामग्री बेचने वाले 102 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया है।
पन्ना जिला मिलावटखोरों से वसूली करने में सबसे अव्वल है। यहां 2 लाख 71 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया था इसमें से दो लाख 51 हजार यानि 92.6 प्रतिशत की वसूली हो चुकी है। बड़वानी में 92.1 प्रतिशत और हरदा में 88.1 प्रतिशत जुर्माना वसूल किया जा चुका है। मुरैना में कुल दो करोड़ 29 लाख 30 हजार रुपए का जुर्माना किया गया था इसमें से 8 लाख 1 हजार रुपए की वसूली की गई है।
यहां के सैंपल सर्वाधिक अमानक
भिंड में 44.13 प्रशित, नीमच में 41.42 प्रतिशत, धार में 37.19 प्रतिशत, मुरैना में 36 प्रतिशत और झाबुआ में 33.8 प्रतिशत नमूने फेल हुए है। इसमें भिंड में सबसे अधिक 2.42 प्रतिशत नमूने असुरक्षित पाए गए है। यहां के 47.27 प्रतिशत नमूने अवमानक पाए गए है।
