देहरादून: सरकारी उद्यान बनेंगे टूरिस्ट डेस्टिनेशन

देहरादून
वन डिस्ट्रिक वन डेस्टिनेशन की तर्ज पर सरकार सरकारी उद्यानों को भी हॉटिकल्चर टूरिज्म के तहत पर्यटक डेस्टिनेशन की तरह विकसित करेगी। उद्यानों को लीज पर देने के बजाए सरकार कुछ उद्यानों को तैयार करेगी। जबकि अधिक आर्थिक जरूरत वाले उद्यानों को पीपीपी मोड में विकसित किया जाएगा।  कृषि और उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जोशी का कहना है कि बागवानी पर्यटन में राज्य के लिए काफी संभावनाएं हैं। विदेशों में कई स्थानों पर सरकारी और निजी उद्यान और फार्म हाउस को पर्यटन डेस्टिनेशन की तरह विकसित किया गया है।

मालूम हो कि हार्टिकल्चर टूरिज्म को विकसित करने के लिए पिछली सरकार में भी कोशिश की गई थी, लेकिन यह केवल फाइलों से बाहर नहीं निकली। कुछ जिलों में स्थानीय स्तर पर प्रयास जरूर किए गए है, लेकिन वो एक दायरे तक ही सीमित हैं।  सरकारी उद्यानों में बागवानी के विकास के साथ साथ पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए काफी संभावना हैं। जोशी ने कहा कि हर बागीचे के लिए उस क्षेत्र के अनुकूल प्रजाति के सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे ज्यादा स्थानीय स्तर पर किसानों को बेहतर प्रजातियां मिल सकेंगी। वहीं उत्तराखंड में पर्यटन का नया क्षेत्र भी तैयार होगा। इस प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से अंजाम दिया जाएगा।

94 फार्म हैं राज्य में सरकारी
राज्य में उद्यान विभाग के पास 94 फार्म हैं। एक समय बागवानी क्षेत्र के लिए मिसाल माने जाने वाले ये सभी उद्यान इस वक्त काफी बुरी दशा में है। वर्ष 2002-07 की कांग्रेस सरकार के दौरान बागीचों को लीज पर निजी क्षेत्र को देने का प्रयोग किया गया था। लेकिन वो भी कामयाब नहीं रहा। पिछली सरकार में हॉर्टिकल्चर टूरिज्म के प्रति इच्छा जरूर जाहिर की गई थी, लेकिन इस पर उस गंभीरता से काम नहीं हो पाया।

राज्य में सरकारी उद्यान
अल्मोड़ा        11
नैनीताल         10
पिथौरागढ़        15
बागेश्वर        02
चंपावत        02
यूएसनगर        04
पौड़ी        08
चमोली        11
रुद्रप्रयाग        05
हरिद्वार        01
देहरादून        06
उत्तरकाशी        06
टिहरी        05

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