विधेयक के जरिए शुरू होगा क्लेम ट्रिब्यूनल, सम्पत्ति नुकसान का होगा दोगुना वसूल
भोपाल
शासकीय और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली करने के लिए बनने वाले क्लेम ट्रिब्यूनल का खाका और नियम सरकार ने तय कर लिए है। क्लेम ट्रिब्यूनल शासकीय और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों और इसके लिए उकसाने वालों से कुल नुकसान का दो गुना राशि की वसूल कर सकेगा। राशि नहीं देने वालों की सम्पत्ति कुर्क और नीलाम कर इसकी वसूली की जा सकेगी। ट्रिब्यूनल के गठन के लिए सरकार जल्द ही विधेयक लाएगी।
मध्यप्रदेश में लोक और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से नुकसान की वसूली करने क्लेम ट्रिब्यूनल बनेगा। इसके लिए सरकार विधेयक लाएगी। सरकार ने विधेयक का मसौदा तैयार कर लिया है। लोक व्यवस्था की अशांति के दौरान सम्पत्तियों को पहुंचाए गए नुकसान की वसूली तथा किए गए नुकसान का निर्धारण करने और प्रतिकर अधिनिर्णित कर नुकसान करने वाले आंदोलनकारियों, प्रदर्शनकर्ताओं से प्रतिकर की वसूली के लिए दावा अधिकरण का गठन करने तथा उससे संबंधित तथा उसके अनुषांगिक विषयों के लिए उपबंध तय करने के लिए यह विधेयक महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस विधेयक के जरिए ऐसी सभी सरकारी और निजी सम्पत्ति की नुकसानी की वसूली की जा सकेगी जो साम्प्रदायिक दंगो, हड़ताल, बंद, प्रदर्शन, जुलूस या व्यक्तियों के समूह द्वारा की गई है। इसमें केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय निकाय के साथ ही सहकारी संस्थाओं, कंपनियों की सम्पत्ति की नुकसानी को भी शामिल किया जाएगा।
नुकसान का दो गुना तक वसूली के लिए होगा अवार्ड पारित
क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा अवार्ड पारित कर नुकसान की वसूली सम्पत्ति नुकसान करने वाले व्यक्ति के साथ ही ऐसे नुकसान पहुंचाने वाले कृत्य को उकसाने वाले अथवा उत्प्रेरित करने वाले व्यक्तियों से भी कर सकेगा। मूल नुकसानी का दो गुना तक के अवार्ड पारित किए जा सकेंगे। साथ ही अवार्ड पारित होने के पंद्रह दिन में भुगतान नहीं होने पर ब्याज तथा आवेदनकर्ता को क्लेम ट्रिब्यूनल के प्रकरण में हुए खर्च की वसूली के आदेश देने के लिए भी अधिकार होंगे।
पंद्रह दिन में नुकसान की भरपाई नहीं तो सम्पत्ति कुर्क, नीलाम कर होगी वसूली
क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा वसूली का अवार्ड पारित करने के पंद्रह दिन में राशि जमा नहीं करने पर क्लेम ट्रिब्यूनल जिला कलेक्टर को प्रमाणपत्र जारी कर सकेंगे तथा कलेक्टर भू राजस्व की तर्ज पर बकाया वसूली के लिए संबधितों की चल-अचल सम्पत्ति की कुर्की और नीलामी कर इस राशि वसूल कर हर्जाना, नुकसानी का अवार्ड अनुसार नुकसान उठाने वाले को भुगतान करेंगे। क्लेम ट्रिब्यूनल का हर्जाना, मुआवते का निर्धारण तथा संभव आवेदन करने के तीन माह में करना जरुरी होगा। क्लेम ट्रिब्यूनल के आदेश केवल उच्य न्यायालय में अवार्ड पारित होने के 90 दिन में चैलेंज किए जा सकेंगे।
ऐसे बनेगा क्लेम ट्रिब्यूनल
राज्य सरकार ऐसे क्षेत्र तथा ऐसी अवधि के लिए क्लेम ट्रिब्यूनल का गठन कर अधिसूचित कर सकेगी जो इस विधेयक में उल्लेखित सरकारी या निजी सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाने के संबंध में प्रतिकर तय कर सके। क्लेम ट्रिब्यूनल में सेवानिवृत्त जज एवं राज्य सरकार से सेवानिवृत्त सचिव की नियुक्ति की जा सकेगी।
नुकसान की भरपाई के लिए तीस दिन में करना होगा आवेदन
सरकारी सम्पत्ति पर जिला मजिस्ट्रेट अथवा कार्यालय प्रमुख द्वारा निजी सम्पत्ति की नुकसानी पर सम्पत्ति का मालिक अथवा सम्पत्ति का नियंत्रणकर्ता क्लेम ट्रिब्यूनल के समक्ष तीस दिन में आवेदन कर सकेगा। क्लेम ट्रिब्यूनल ऐसे क्लेम कमिश्नर को नियुक्त कर सकेगा जो उस नुकसानी के संबंध में जांच में मददगार हो सके।
