कन्यादान योजना में 2476 जोड़ों की विवाह पत्रिका हूबहू ,ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू
भोपाल
प्रदेश के सबसे बड़े विवाह घोटाले में 5976 शादियों के रिकॉर्ड सामने आने लगे है। इस घपले में नया खुलासा हुआ है कि फर्जी शादी कराने वाली गैंग ने शादी और निकाह के मैरिज कार्ड तक थोक में छपवा रखे थे। जांच में 2476 फर्जी शादियों के निमंत्रण कार्ड खंगाले गए तो वे सभी एक जैसे फार्मेट में मिले। कार्ड में दूल्हा-दूल्हन, माता-पिता और घर के नाम-पते ही बदले थे, बाकी सब एक जैसा था।
यहां तक कि बुआ, मौसी और चाचू की शादी में जलूल आने वाली बाल मनुहार भी हूबहू थी। वैसे तो शादियों के कार्ड मोटे होते हैं, लेकिन इन शादियों के कार्ड एक पतले पन्ने पर छपे थे। इन्हें फोटो कॉपी कर तैयार किया गया था। निकाह के कार्ड भी ठीक हूबहू थे। सिरोंज तहसील में कोरोना काल में हुई 20 करोड़ रु. की शादियों के फर्जीवाड़े में एक जैसे कार्ड मिलना इसलिए चौंकाने वाला है कि क्योंकि श्रम विभाग की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में शादी के कार्ड परिजन ही छपवाते हैं। ये शादी असली होती तो कार्ड भी अलग-अलग होते।
मप्र में पहली ऐसी ईओडब्ल्यू जांच, जिसमें 5976 शादियों के जोड़ों की तलाश हो रही
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) इस मामले की जांच कर रहा है। ये प्रदेश का एकमात्र ऐसा मामला है, जिसमें 5976 शादियों के दूल्हा-दुल्हन, उनके परिजन, बरातियों-घरातियों की तलाश की जा रही है। इस घोटाले से कई अफसरों, कर्मचारियों, बैंक मैनेजर, सचिव, परिजन, दलालों से पूछताछ चल रही है। ऐसे में कार्ड छापने वालों की भी तलाश शुरू हो गई है। अब तक जांच में पता चला है कि कुल 5976 शादियों के 70% कार्ड सिर्फ 2 या 3 फॉर्मेट में छपे हैं।
कार्ड में ऊपर अंग्रेजी में लिखा- वेडिंग इन्विटेशन
- शादी का फर्जीवाड़ा गांव में हुआ है, लेकिन शादी के कार्ड ऊपर लिखा है- वेडिंग इन्विटेशन।
- कार्ड में राधा-कृष्ण की तस्वीरें ऊपर वाले पन्ने पर हैं। इसके अंदर शगुन क्षणिकाएं में दोनों पीले हाथ होंगे, तभी होगी मंडप की शुरुआत से लेकर यादों के तिनके, घरोंदा प्यार का…आया है अवसर पाणिग्रहण संस्कार का लिखा है।
- शादियों में बाल मनुहार है- हल्दी है, चंदन है, रिश्तों का बंधन है। हमारी बुआजी, मौसी जी की शादी में आपका अभिनंदन है।
- निकाह वाले कार्ड में एकमात्र पन्ने पर सबसे उपर 786 छपा है। जश्न ए शादी में आने के लिए लिखा है- नीचे मां बाप की दुआएं होगी, करम अल्लाह का। हो वकालत पर नबी होंगे।
- इस कार्ड में चाचा की दावत में जरूर आने वाली बाल मनुहार है।
अब तक क्या हुआ
जांच में आया कि 2976 फेरे और निकाह का रिकॉर्ड गायब है। इनका डेटा पोर्टल से डिलीट करने के बाद रिकवर किया गया। ये शादी कोरोना काल में 1 अप्रैल 2019 से 10 दिसंबर 2021 के बीच हुई थी। घोटाले में ईओडब्ल्यू ने जनपद पंचायत सीईओ शोभित त्रिपाठी और दो कंप्यूटर ऑपरेटर जेल भेजे जा चुके है। जांच में आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है।
