निर्माण विभागों को 25 करोड़ से अधिक निकासी के लिए फाइनेंस की अनुमति जरूरी नहीं

भोपाल
प्रदेश के निर्माण विभागों, वन विभाग सहित केन्द्र सहायित योजनाओं के लिए 25 करोड़ से अधिक राशि के बिलों का भुगतान करने कोषालय से राशि निकालने अब वित्त विभाग की पूर्व अनुमति जरुरी होगी। प्रदेश में पूंजीगत मदों से जुड़े आहरण, पंद्रहवे वित्त आयोग के केन्द्र से प्राप्ति के बाद आहरण, मध्यप्रदेश वेट अधिनियम के तहत देय वापसियों से संंबंधित आहरण,  भू-अर्जन से संबंधित राशि एवं वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत वन भूमि के व्यपवर्तन के लिए आवश्यक आहरण के लिए वित्त विभाग की अनुमति जरुरी नहीं होगी।

वित्त विभाग से जिन खर्चों के लिए अनुमति लेना होगा उनमें सक्षम अधिकारी को जारी प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के आदेश की प्रति देना होगा। कोषाय का नाम जिनमें आहरण हेतु बिल प्रसतुत होगा अंौर बजट प्रावधान जो जारी किया गया और शेष आवंटन का प्रमाणीकरण का ब्यौरा देना होगा। विभागीय प्रस्तावों पर वित्त विभाग राज्य शासन के वित्तीय प्रबंधन की दृष्टि से विचार कर निर्णय लेगा। यह आदेश वित्तीय वर्ष की 31 मार्च तक लागू किए गए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *