गुड़ी पड़वा-नवरात्रि: 1500 साल बाद ऐसे दुर्लभ योग, सीएम ने की गुड़ी स्थापित

भोपाल
हिंदू नववर्ष यानी नवसंवत्सर यानी वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ हुआ। आज से ही शक्ति आराधना का पर्व नवरात्रि भी आरंभ हुई है। देश में हिन्दू नववर्ष और नवरात्रि का प्रारंभ धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2079 के नाम से भी जाना जाएगा। यह विक्रम संवत नल नाम का संवत है और यह इंद्राग्नि युग का अंतिम वर्ष है। एक युग में पांच वर्ष होते हैं। इस वर्ष के राजा शनि ग्रह हैं और इस वर्ष के मंत्री गुरु ग्रह हैं।

हिंदू नववर्ष के पहले दिन के स्वामी को उस पूरे वर्ष में राजा का दर्जा दिया जाता है। चूंकि इस बार नवसंवत्सर 2079 की शुरुआत शनिवार, 2 अप्रैल से हो रही है तो इस वर्ष ग्रहों के मंत्रिमंडल के राजा कर्मफलों के दाता और न्यायधीश माने जाने वाले शनिदेव रहेंगे। इस नववर्ष जहां एक ओर शनि राजा के सिंहासन पर विराजमान हैं तो वहीं दूसरी ओर देव गुरु बृहस्पति मंत्री के स्थान पर रहेंगे। साल 2022 में 1500 साल बाद रेवती नक्षत्र और तीन राजयोगों के अत्यंत दुर्लभ संयोगों में हिन्दू नववर्ष का प्रारंभ हो रहा है। ज्योतिषियों की माने तो नवसंवत्सर में बनने वाली ग्रह नक्षत्रों की यह स्थितियां कई मायनों में खास है। विक्रम संवत 2079 के आरम्भ में ही मंगल अपनी उच्च राशि मकर, राहू अपनी उच्च राशि वृषभ और केतु अपनी उच्च राशि वृश्चिक में रहेंगे। ग्रहों के राजा के रूप में शनि भी अपनी ही राशि मकर में गोचर करेंगे। इसलिए इस बार शुभ संयोगों में 1500 साल बाद शनि-मंगल की युति में हिन्दू नववर्ष की शुरुआत हो रही है।

नवसंवत्सर के पहले दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्नी साधना सिंह के साथ सीएम हाउस में गुड़ी स्थापित की। वहीं इंदौर के राजबाड़ा और बड़े गणपति पर साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों ने एकत्रित होकर भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया। राजबाड़ा पर साधु-संतों के साथ अर्घ्य देते भाजपा के राष्टÑीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे, मंत्री तुलसी सिलावट, पूर्व महापौर मालिनी गौड़ व अन्य।

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