विदिशा से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ होगी ग्रामीण परिवहन सेवा -परिवहन मंत्री राजपूत
भोपाल
परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि ग्रामीण परिवहन नीति के तहत रूरल ट्रांसपोर्ट क्रेडिट मॉडल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पचमढी में आयोजित चिंतन शिविर में माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू परिवहन व्यवस्था के संबंध में परिवहन नीति बनाए जाने के निर्देश दिए थे। उनकी मंशा के अनुरूप ग्रामीण परिवहन नीति के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विदिशा के रूरल क्षेत्रों में परिवहन व्यवहार मुहैयया कराई जाएगी।
मंत्री राजपूत ने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बंद हो जाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन को व्यवस्थित किए जाने की आवश्यकता है। वर्तमान में चल रही निजी वाहनों एवं मिनी यात्री वाहनों में ओवर लोडिंग मनमाने समय पर वाहनों के संचालन जैसी अनेक शिकायतें सामने आई हैं। नई ग्रामीण परिवहन नीति से इन समस्याओं से ग्रामीणों को निजात मिलेगी वहीं ग्रामीणों को परिवहन सुविधा मिल सकेगी।इस योजना के तहत ग्रामीण मार्गो पर चलने वाले वाहनों को यात्री मोटर यान कर में छूट प्रदान की जाएगी।
विदिशा माडल की सफलता के बाद इस योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इस योजना में एक ट्रायबल जिले को भी शामिल किया जाएगा।इस मार्गो पर परिवहन का संचालन इस प्रकार किया जाएगा कि मुख्य मार्ग पर चलने वाले बड़े वाहनों की टायमिंग के साथ छोटे मार्गो पर चलने वाले छोटी बसों की टाइमिंग कनेक्टिविटी की जाएगी। ग्रामीण मार्गो पर फिलहाल 20 सीटर क्षमता वाल छोटी बसों का संचालन किया जाएगा।
बस आपरेटरों को मिलेंगे क्रेडिट अंक
परिवहन मंत्री राजपूत ने बताया कि यात्री बसों के संचालन के लिए बस आपरेटरों को क्रेडिट अंक प्रदान किए जाएंगे। जिसके तहत बस आपरेटरों को जितने क्रेडिट अंक प्राप्त होंगे उसके आधार पर उस आपरेटर की साधारण मार्ग पर चल रही बसों पर मिले क्रेिउट अंक के तय अनुपात में, उस आपरेटर को मासिक मोटर कर यान में भी थेाड़ी राहत दी जाएगी। क्रेडिट अंक के लिए आपरेटर को लगातार वाहनों का संचालन लगातार 6 महीने ग्रामीणों क्षेत्रों में करना होगा।
