फ्लाई ऐश ईट में हुई 50 पैसे की वृद्धि
रायपुर
राज्य सरकार ने अपने गाइड लाइन में सभी सरकारी कार्यों में 100 प्रतिशत फ्लाई ऐश ब्रिक के उपयोग की अनिवार्यता को लागू किया है लेकिन सरकारी कार्यों में लाल ईंटों का प्रयोग धड़ल्ले से जारी हैं। इस संबंध में विभागीय मंत्री और विभाग को कई बार ज्ञापन भी दिया जा चुका है लेकिन इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। राज्य सरकार व विभाग द्वारा 15 दिन के अंदर फ्लाई ऐश की उपलब्ध पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो छत्तीसगढ़ फ्लाई ऐश ब्रिक उद्योग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ फ्लाई ऐश ब्रिक उद्योग ने फैक्ट्री से निकलने वाले काले ईंटों के दामों में 50 पैसे की वृद्धि कर रहा हैं।
छत्तीसगढ़ फ्लाई ऐश ब्रिक मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन कार्यकारिणी के अध्यक्ष लोकेश शर्मा ने पत्रकारवार्ता में बताया कि लाल ईंटों के सरकारी उपयोग से फ्लाई ऐश ब्रिक बनाने वाले उद्योग कर्ज में डूब रहे है। दूसरी ओर लाल ईट बनाने वाले भट्टों द्वारा खेत की उपजाऊ मिट्टी का खनन कर लाल ईंट बनाने हेतु उपयोग शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में किया जा रहा है जो कि पर्यावरण एवं किसानी दोनों के लिए हानिकारक है। लाल ईंटों के अवैध निर्माण पर 7 दिवस के अंदर रोक हेतु कोई कार्यवाही नहीं की जाती है तो एसोसिएशन समिति का गठन करेगा और संचालित लाल ईंट के भट्टों पर जाकर उसे बंद करवाने की कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही अगर 15 दिवस के भीतर राज्य सरकार व संबंधित विभाग के द्वारा 15 दिवस के भीतर प्लाई ऐश की उपलब्धता सरलता पूर्वक सरकारी गाइड लाइन के अनुसार ब्रिक्स उद्योग को सुनिश्चित नहीं होती है तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
उन्होंने बताया कि फ्लाई ऐश से लेकर सारे रॉ मटेरियल के दरों में इजाफा होने के कारण काले ईंटों के दरों में आज 50 पैसे वृद्धि करने का निर्णय एसोसिएशन ने किया हैं जो फैक्ट्री से केवल लोडिंग करके दिया जाएगा। जिसके कारण 8 & 4 & क्लास बी 2.50 रुपये से 3 रुपये प्रति नग, 8 & 4 & क्लास ए 3.30 पैसे प्रति नग, 9 & 4 & 3 क्लास बी 3.70 पैसे प्रति नग, 9 & 4 & 3 क्लास ए 4 रुपये प्रति नग, 12 & 8 & 6 क्लास ए 18.50 पैसे प्रति नग, 16 & 8 & 6 क्लास बी 22 रुपये प्रति नग, 16 & 8 & 6 क्लास ए 25 रुपये प्रति।
