सुपरटेक के बाद अब लॉजिक्स बिल्डर के खिलाफ भी दिवालिया घोषित करने की कार्रवाई शुरू
ग्रेटर नोएडा |
ग्रेटर नोएडा में सुपरटेक बिल्डर के बाद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने लॉजिक्स ब्लॉसम जेस्ट (लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड) (Logix Blossom Zest) के खिलाफ भी दिवालिया घोषित करने कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। 5,836 करोड़ रुपये बकाया होने की वजह से इस कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
एनसीएलटी ने योगेश कुमार गुप्ता को इसके समाधान के लिए आईआरपी नियुक्त किया है। जिन घर खरीदारों को कब्जा मिल चुका है, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो पाई है, उन्हें उम्मीद है कि अब दिक्कत दूर हो जाएगी। घर खरीदारों को पांच अप्रैल तक आईआरपी के समक्ष दावा पेश करना होगा। पिछले साल भी 150 लोगों ने एनसीएलटी में शिकायत की थी।
ब्लॉसम जेस्ट परियोजना 2011 में नोएडा के सेक्टर-143 में शुरू की गई थी। इसमें 14 टावर और 3,400 फ्लैट हैं। इसमें से 2,718 फ्लैट बेचे गए हैं। नौ टावर अधूरे पड़े हैं। बिल्डर पर नोएडा प्राधिकरण का 500 करोड़ रुपये बकाया होने के चलते तमाम खरीदारों का फ्लैट पर कब्जा तो है पर उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। बहुत ऐसे खरीदार हैं, जिन्होंने 90 प्रतिशत से अधिक पैसा जमा कर दिया है, लेकिन उन्हें भी अब तक फ्लैट नहीं मिले हैं। अब आईआरपी नियुक्त होने के बाद उम्मीद जगी है कि उन्हें फ्लैट मिल जाएगा।
