बोगटुई गांव पहुंचकर CBI ने शुरू की जांच, फॉरेंसिक टीम ने जलकर खाक हुए घरों से जुटाए सैंपल

कोलकाता
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का एक दल शनिवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोगटुई गांव पहुंचा और उस हिंसक घटना की जांच शुरू की, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई थी। अज्ञात लोगों ने 21 मार्च को गांव में 10 घरों में आग लगा दी थी, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई थी। लगभग 20 सदस्यों वाली सीबीआई की टीम उस घर के भीतर गई, जहां जलकर खाक हुए सात लोगों के शव बरामद हुए थे। सीबीआई अधिकारी ने कहा कि हम आज जांच शुरू कर रहे हैं। हमें युद्धस्तर पर जांच करनी है, क्योंकि हमें तय समय में काम पूरा करना है। सीबीआई की इकाई केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने भी जले हुए घरों का दौरा किया और नमूने एकत्र करने शुरू किए। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बीरभूम हत्याकांड की जांच का जिम्मा शुक्रवार को सीबीआई को सौंपते हुए सात अप्रैल तक रिपोर्ट सौंपने को कहा था।

पुलिस पर TMC के इशारे पर काम करने का आदेश
सीबीआई जांच के फैसले का विपक्षी दलों ने स्वागत किया और आरोप लगाया कि राज्य पुलिस, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर काम कर रही है। साथ ही इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या केंद्र सरकार के मातहत काम कर रही एजेंसी पर निष्पक्ष जांच को लेकर भरोसा किया जा सकता है। उसने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी विपक्षी दलों को घेरने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल करती रही है।

ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी ने कहा कि सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा, लेकिन अगर भगवा पार्टी ने टीएमसी नेताओं को प्रताड़ित करने के लिए इसका इस्तेमाल किया तो व्यापक पैमाने पर आंदोलन होगा। भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख सुकांता मजूमदार ने कहा, "केवल सीबीआई जांच के जरिए ही सच सामने आ सकता है, क्योंकि पुलिस सत्तारूढ़ पार्टी के एजेंट के तौर पर काम कर रही है और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है।"

 

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