मध्य प्रदेश में चार लाख से अधिक विद्यार्थियों को योग पढ़ाने के लिए शिक्षक का एक पद स्वीकृत
भोपाल
केंद्र सरकार की ओर से लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति में योग को स्नातक प्रथम वर्ष के फाउंडेशन कोर्स में अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया गया है। इसके तहत इस वर्ष महाविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले चार लाख 96 हजार विद्यार्थियों को फाउंडेशन कोर्स में योग पढ़ना अनिवार्य है। लेकिन पूरे प्रदेश के 530 महाविद्यालयों में योग के शिक्षकों का एक ही पद स्वीकृत है, हैरत की बात यह है कि वह भी खाली है।
अब ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि बिना शिक्षक के योग की पढाई करने वाले विद्यार्थी क्या सीखेंगे ? विभागीय अधिकारियों का कहना है कि खेल शिक्षकों और प्रशिक्षकों से योग का कोर्स पढ;वा रहे हैं। लेकिन नई शिक्षा नीति के तहत योग शिक्षक ही योग पढा सकता है खेल शिक्षक नहीं। बता दें कि प्रदेश में 530 सरकारी कालेजों में प्राध्यापकों के 12 हजार 87 के पद स्वीकृत हैं। इसमें 6,941 पद भरे हैं, जबकि 5,146 खाली हैं। इस तरह सभी मुख्य विषयों में प्राध्यापकों के आधे से अधिक पद खाली होने से शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
फाउंडेशन में इस साल से योग भी
पहले महाविद्यालयों में यूजी के विद्यार्थी फांउडेशन कोर्स में हिंदी, अंग्रेजी एवं एंटरप्रेन्योरशिप विषय पढ;ते थे। अब इस वर्ष से नई शिक्षा नीति के तहत फाउंडेशन कोर्स में योग विषय को भी शामिल किया गया है। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के फाउंडेशन के दो पेपर होंगे। इसमें पहले पेपर में हिंदी एवं अंग्रेजी और दूसरे पेपर में पर्यावरण विज्ञान और योग अनिवार्य विषय में शामिल है। यूजी प्रथम वर्ष में इस सत्र में जिन 4.96 लाख विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जिनके लिए योग पढना अनिवार्य है।
मुख्य विषयों में भी शिक्षक नहीं
योग ही नहीं, महाविद्यालयों में अन्य विषयों का भी यही हाल है। महाविद्यालयों में खेल शिक्षक के स्वीकृत 499 पदों में से 261 पद खाली हैं। ऐसे ही संस्कृत में 113 में से 24 पद खाली हैं और वाणज्यि में 968 में से 315 पद खाली हैं।
