किस सीएम के कार्यकाल में महिलाओं की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में अपनी कैबिनेट में महिला मंत्रियों को सबसे ज्यादा 16.6 प्रतिशत की हिस्सेदारी वीर बहादुर सिंह ने अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में दी थी। जबकि चार बार सीएम रहे नारायण दत्त तिवारी ने अपने एक कार्यकाल में अधिकतम 7 महिलाओं को मंत्री बनाया। अब तक बने सभी मंत्रिपरिषदों में महिलाओं की तादाद इससे कम ही रही है। मुलायम सिंह यादव जब दूसरी बार सीएम बने तो उन्हें 28 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में एक भी महिला नहीं थी।
इस बार 18 वीं विधानसभा चुनाव में 48 महिला विधायक जीतीं हैं। इनमें अधिकांश महिलाएं सरकार बनाने जा रही भारतीय जनता पार्टी की हैं। अब सबकी निगाह लगी कि कितनी महिला विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिलता है। असल में पहली विधानसभा में दो बार सरकार बनीं लेकिन महिला विधायकों के बावजूद किसी को मंत्री नहीं बनाया गया। पहली बार यूपी सरकार में उपमंत्री बनने का गौरव प्रकाशवती सूद को 10 अप्रैल 1957 को मिला जब सम्पूर्णानंद ने दूसरी विधानसभा में अपनी मंत्रिपरिषद का गठन किया। खास बात यह कि विभिन्न मौको पर मुख्यमंत्रियों ने कई बार मंत्री हटाए और नए शामिल किए इसलिए पूरे कार्यकाल में मंत्रियों की कुल तादाद भी काफी बढ़ गई।
