इण्डो-इजराइल प्रोजेक्ट में हरदा में खुलेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस – मंत्री पटेल
भोपाल
किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने गुरुवार को निमाड़-मालवा, नर्मदा घाटी क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक जिलों के किसानों को उन्नत तकनीक से लैस करने के लिये इजराइल दूतावास के कृषि प्रतिनिधियों से वर्चुअल मीटिंग की। मीटिंग में तय हुआ कि मध्यप्रदेश में माइक्रो इरीगेशन और हाईटेक एग्रीकल्चर के लिये तीसरा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हरदा में खोले जाने की कार्यवाही की जायेगी। मीटिंग में इजराइली प्रोजेक्ट प्रमुख एयर एशल, समन्वयक सुअनुमेहा भारद्वाज, वैज्ञानिक ब्रह्मदेव, एसीएस हॉर्टीकल्चर जे.एन. कंसोटिया मौजूद थे।
मंत्री पटेल ने इजराइली दूतावास के कृषि संबंधी प्रतिनिधियों से चर्चा कर उन्हें निमाड़-मालवा क्षेत्र में मसाला, औषधीय और फूलों की खेती के लिये उपयुक्त वातावरण से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इजराइली तकनीक के हस्तांतरित होने से किसानों को अत्यधिक लाभ होगा। क्षेत्र के किसान पूर्व से ही नवाचार कर उत्पादन लागत को कम करते हुए अधिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इजराइली तकनीक से इसमें इजाफा होगा। मीटिंग में इजराइली तकनीक हस्तांतरण के लिये अधिकृत कम्पनी 'माशव' के प्रतिनिधियों ने कहा कि शीघ्र ही हरदा एवं आसपास के क्षेत्रों का सर्वे किया जायेगा। सर्वे के बाद हरदा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोला जायेगा।
मध्यप्रदेश में इजराइली सहयोग से उन्नत कृषि को बढ़ावा देने के लिये छिंदवाड़ा और मुरैना में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का क्रियान्वयन प्रक्रियाधीन है। तीसरा सेंटर हरदा में खुल जाने से निमाड़-मालवा एवं नर्मदा घाटी क्षेत्रों में उद्यानिकी फसलों, औषधीय फसलों और फूलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा। कृषकों को नवीन तकनीक की जानकारी मिलेगी, जिससे कि फसल विविधता के साथ उत्पादकता और गुणवत्ता को भी बढ़ाया जा सकेगा।
