राज्यपाल को अनुचित बयान देने से परहेज करने की ममता दे दी सलाह
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को एक और पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने सीएम पर अपनी संयमित प्रतिक्रिया पर आरोप लगाने की बात कही है। राज्यपाल ने पत्र में लिखा है कि हाल ही में रामपुरहाट में हुए सबसे भयानक नरसंहार, जहां छह महिलाओं और दो बच्चों को जिंदा जला दिया गया था, पर प्रति मेरी संयमित प्रतिक्रिया पर आपने आरोप लगाया है। रिपोर्ट के अनुसार हताहतों की संख्या अधिक बताई जा रही है। इस स्तब्ध कर देने वाले नरसंहार की तुलना कुछ साल पहले जब आप विपक्ष में थीं, तब राज्य में हुई घटनाओं से की जा रही है।
आपका तंत्र राज्यपाल के खिलाफ काम करने के संकेत दे रहा
धनखड़ ने कहा- अपनी डायवर्जनरी रणनीति के तहत अपनी प्रतिक्रिया देकर आपने मेरे बयान को दबाने की कोशिश की है। यह सब देखते हुए भी मैं राजभवन में ढिठाई करते हुए मूक दर्शक बनकर नहीं रह सकता हूं। उन्होंने कहा कि हर बार इस तरह से मुद्दा बनाना आपके तंत्र के राज्यपाल के खिलाफ होने का पर्दाफाश करता है।
शांतिपूर्ण राज्य होने का दावा हास्यास्पद
आपके इस दावे से ज्यादा हास्यास्पद कुछ नहीं हो सकता है कि हमारा राज्य हमेशा शांतिपूर्ण रहा है। NHRC पैनल द्वारा चुनाव के बाद की हिंसा का पर्दाफाश बड़े पैमाने पर हिंसा संस्कृति की व्यापकता और मानवाधिकारों के हनन का खुलासा करता है। NHRC पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल में शासक का कानून है, कानून का शासन नहीं है। यह खुले रहस्य की वास्तविकता का प्रतिबिंब है।
ताजा विवाद के पीछे ये वजह
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुर हाट स्थित बोगतुई गांव में तृणमूल कांग्रेस के पंचायत उप प्रमुख की हत्या के बाद पार्टी समर्थकों ने सोमवार देर रात कुछ घरों में आग लगा दी गई थी। इस घटना में 10 लोगों की जलकर मौत हो गई थी। मृतकों में 6 महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं।
धनखड़ ने संस्कृति पर उठाए थे सवाल
इस घटना को भयावह करार देते हुए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को ममता सरकार पर कड़े आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि यह भयानक घटना इस बात की पुष्टि करती है कि राज्य ‘हिंसा एवं अराजकता’ की संस्कृति की गिरफ्त में है।
ममता ने दिया था ये जवाब
राज्यपाल को जवाब देते हुए ममता ने कहा था कि – कानून व्यवस्था को लेकर हमेशा की तरह राज्यपाल ने जो आरोप लगाए हैं, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। घटना के पीछे किसका हाथ है यह अभी जांच का विषय है। राज्य सरकार ने जांच के लिए एसआइटी बनाई है। जांच से पहले इस तरह के आरोप सही नहीं है। ममता ने आरोप लगाया कि जब भी राज्य में कोई घटना होती है तो राज्यपाल ऐसा करते हैं, जो संघीय व्यवस्था के लिए सही नहीं है।
