CM ठाकरे के साले के श्रीधर पाटणकर खिलाफ छापेमारी, 6.45 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच

मुंबई
 प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख (CM Uddhav Thackeray) के घर तक पहुंच गई है। सीएम उद्धव ठाकरे के घर के करीबी रिश्तेदार पर शिकंजा कसा है। दरअसल सीएम उद्धव के साले श्रीधर पाटणकर (Shridhar Patankar) के खिलाफ ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि मुंबई से सटे ठाणे में की गई इस कार्रवाई में नीलांबरी प्रोजेक्ट से जुड़े 11 फ्लैट्स सील कर दिया गया हैं और करीब 6 करोड़ 45 लाख की संपत्ति भी जब्त कर ली है।

बता दें कि श्रीधर पाटणकर रश्मि ठाकरे के भाई हैं। पुष्पक बुलियन कंपनी की हेराफेरी मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई है। बता दें कि इससे पहले भी ईडी की तरफ से की गई इस तरह की कार्रवाई महाराष्ट्र की सियासी घमासान की वजह बना है। वहीं, ईडी समेत अन्यत्र जांच एजेंसियों की कार्रवाइयों को केंद्र सरकार का दुरूपयोग करार दिया जाता है। वहीं, अगर इस पूरे मामले की बात करें, तो उद्धव ठाकरे के साले की कुल 6.45 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। साल 2017 में ही  ईडी ने उद्धव के साले के खिलाफ धनशोधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया था। ध्यान रहे कि इससे पहले भी उद्धव के साले की संपत्ति ईडी की तरफ से जब्त की गई थी।

इस बीच, शिवसेना ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रिश्तेदार की संपत्ति जब्त करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने इसे तानाशाही और प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिया है. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने पुष्पक बुलियन और उसकी समूह कंपनियों के खिलाफ 6 मार्च 2017 को मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था और अस्थायी तौर पर पुष्पक बुलियन की 21 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल-अचल संपत्ति को जब्त किया था. यह संपत्ति महेश पटेल, चंद्रकांत पटेल और उनके परिवार और उनके स्वामित्व वाली कंपनियों की थी. बाद की जांच से पता चला कि महेश पटेल ने नंदकिशोर चतुर्वेदी (आवास सुविधा प्रदाता) की मिलीभगत से पुष्पक समूह की कंपनी मेसर्स पुष्पक रियल्टी के धन का गबन और हस्तांतरण किया था. पुष्पक रियल्टी डेवलपर ने बिक्री, फंड ट्रांसफर की आड़ में 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति नंदकिशोर चतुर्वेदी  द्वारा नियंत्रित कंपनियों को दी. इसे अन्य कंपनियों के जरिये घुमाफिराकर उन तक पहुंचाई गई.

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इसे सरकारी जांच एजेंसियों का दुरुपयोग बताया है. उन्‍होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सभी साधनों के दुरुपयोग का इस देश का अभी का महत्वपूर्ण विषय है. आप जो आंकड़े बता रहे हैं गर वो सच हैं तो स्पष्ट कहे तो राजनीतिक उद्देश्य या अन्य किसी उद्देश्य से किए जा रहे काम हैं. सच कहूं तो 15 साल  पहले यहां बैठे लोगों ने ED का नाम भी नहीं सुना होगा लेकिन आज गांव-गांव में लोग ED को जानने लगे हैं. दुर्भाग्य से इस सबका दुरुपयोग किया जा रहा है.शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि केंद्र सरकार राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. जो उनके सामने झुकते नही है उनके ऊपर एजेंसियों के कार्रवाई की जा रही है.

 

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