सैडमेप में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर पदस्थ अनुराधा सिंघई की नियुक्ति पर विवाद
भोपाल। मध्य प्रदेश शासन के एमएसएमई विभाग के अधीन सैडमेप में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर पदस्थ अनुराधा सिंघई की नियुक्ति पर विवाद शुरू हो गया है। उनकी नियुक्ति को अवैध बताते हुए ईओडब्ल्यू से शिकायत भी की गई है। भोपाल में बीईंग पीपुल्स संस्था के प्रमुख प्रशांत श्रीवास्तव ने अनुराधा सिंघई की नियुक्ति पर आपत्ति उठाई है। प्रशांत श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने इसकी ईओडब्ल्यू में शिकायत भी की है। श्रीवास्तव ने बताया कि सैडमैप में ईडी पद पर कार्यभार ग्रहण करने के पूर्व सभी पदों से इस्तीफा देना होता है। एक साथ दो लाभ के पद पर नहीं रह सकते लेकिन अनुराधा सिंघई एक- दो नहीं बल्की 4 पदों पर नियम विरुद्ध एक साथ कब्जा किए हुए है। श्रीवास्तव ने दावा किया है कि सूचना के अधिकार और अन्य माध्यमों से इस संबंध में दस्तावेज मिले हैं। अनुराधा सिंघई आज भी इंडो-यूरोपियन कामर्स आॅफ चेम्बर्स और कल्पमेरू सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड में बतौर डायरेक्टर हैं। यह सैडमैप में एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इनके खिलाफ धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत मामला दर्ज करना चाहिए।
चयन समिति ने अनुराधा को अपात्र घोषित कर दिया था
प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि चयन समिति ने साक्षात्कार के बाद अनुराधा सिंघई के साथ सभी उम्मीदवारों को लिखित में अपात्र मानते हुए पुन: ईडी के पद के लिए विज्ञापन जारी करने की अनुशंसा की थी। लेकिन अनुराधा सिंघई के अपात्र होने के उपरांत उन्हें सैडमैप का कार्यकारी निदेशक नियुक्त कर दिया गया।
चहेती संस्थाओं को फायदा पहुंचाने का आरोप
सैडमैप में ईडी के पद पर ज्वाइन करने के बाद भी अनुराधा सिंघई नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ एग्रीकल्चर एक्सटेंशन मैनेजमेंट के एसीएबीसी प्रोग्राम में नोडल अधिकारी और मैनेज संस्था हैदराबाद में भी कार्यरत हैं। इसका खुलासा आरटीआई में मांगी जानकारी से हुआ है। इसके अलावा अपनी चहेती संस्थाओं को भर्तियों का काम देकर करीब तीन करोड़ का नुकसान किया। मैपसेट और स्किल ट्रेनिंग का काम भी इंपेनेलमेंट कंपनी को अनदेखा कर बाहरी कंपनी को दे दिया और 3 हजार लोगों की ट्रेनिंग के लिए 8 से 9 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया।
