डॉक्टरों की छुट्टी निरस्त,इमरजेंसी वार्ड में तैनात रहेगा सहयोगी स्टॉफ भी
ग्वालियर
कोरोना महामारी के चलते दो साल बाद होली धूमधाम से मनाई जाएगी, इस बार लोगों में त्यौहार को देखते हुए काफी उत्साह भी नजर आ रहा है, क्योंकि लंबे समय बाद लोग त्यौहार पर एक दूसरे से बेखौफ होकर मिलेंगे, होली को देखते हुए उन डॉक्टरों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है, जो अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड में तैनात रहते हैं, उनके साथ ही सहयोगी स्टॉफ भी मौजूद रहेगा, ताकि अस्पताल में आने वाले किसी भी मरीज को उपचार मिल सके।
कोरोना से ठीक हुए मरीजों के खतरनाक रंग
आजकल होली पर अधिकतर स्थानों पर केमिकल युक्त रंग ही मिलते हैं, इसलिए केमिकल युक्त रंगों से होली खेलने से बचना चाहिए, क्योंकि वे आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं, इसी के साथ होली खेलने से पहले कई सावधानियां बरतनी चाहिए, ताकि आपका स्वास्थ्य और शरीर ठीक रहे।
कोरोना के मरीज रखें ध्यान
वैसे तो केमिकल युक्त रंगों से होली किसी को भी नहीं खेलना चाहिए, लेकिन इसमें उन मरीजों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, जो कोरोना से ठीक हुए हैं, चूंकि केमिकल फेंफड़ों को डेमेज कर सकता है, इससे उनकी जान को भी खतरा हो सकता है, इसलिए केमिकल युक्त रंगों से बिल्कुल होली नहीं खेलना चाहिए, आजकल बाजार में प्राकृतिक रंग भी उपलब्ध होने लगे हैं, लोग उसका अधिक से अधिक उपयोग करें, हालांकि वे केमिकल युक्त रंगों की अपेक्षा थोड़े महंगे जरूर होते हैं, लेकिन उनसे आपके स्वास्थ को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा।
18 मार्च को नहीं डॉक्टरों को छुट्टी
होली के चलते 18 मार्च होली के दिन जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी वार्ड में तैनात रहने वाले चिकित्सकों की छुट्टी केंसिल कर दी गई है, अगर वे किसी कारणवश बहुत जरूरी किसी काम से नहीं आ सकते हैं, तो उनकी जगह पर दूसरे चिकित्सक भी ड्यूटी लगाई जाएगी, वहीं चिकित्सक के साथ ही इमरजेंसी वार्ड में कम्पाउंडर, नर्स सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों भी तैनात रहेंगे।
