रूस से भारत के तेल खरीदने पर US को ऐतराज नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस ने कहा, जब इतिहास लिखा जाएगा.

वॉशिंगटन
अगर भारत रूस से डिस्काउंट रेट पर कच्चे तेल का आयात करता है, तो वो अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। व्हाइट हाउस ने भारत को रूस से करीब 25 प्रतिशत डिस्काउंट पर तेल खरीदने के ऑफर पर व्हाइट हाउस का बड़ा बयान आया है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि, रूस से डिस्काउंट रेट पर तेल खरीदने को लेकर भारत ने इच्छा जताई है।

अमेरिका ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने मंगलवार को अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रिपोर्टर्स से बात करके हुए कहा है कि, "किसी भी देश के लिए हमारा संदेश यह है, कि हमने जो प्रतिबंध लगाए हैं, हम सभी उन प्रतिबंधों का पालन करें, जो अनुशंसित हैं।" वहीं, जब भारत द्वारा रियायती कच्चे तेल की रूसी पेशकश को स्वीकार करने की संभावना के बारे में एक रिपोर्ट के बारे में पूछा गया, तो व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने कहा कि, "मुझे नहीं लगता कि यह (प्रतिबंधों) का उल्लंघन होगा।"

जब इतिहास लिखा जाएगा….
हालांकि, व्हाइट हाउस की तरफ से आगे कहा गया कि, "लेकिन यह भी सोचें कि जब इतिहास की किताबें इस वक्त के बारे में लिखा जाएगा, तो आप कहां खड़ा होना चाहते हैं? रूसी नेतृत्व के लिए समर्थन एक आक्रमण के लिए समर्थन है, जो स्पष्ट रूप से विनाशकारी प्रभाव डाल रहा है''। आपको बता दें कि, भारत ने यूक्रेन पर रूसी आक्रमण का समर्थन नहीं किया है। नई दिल्ली ने लगातार सभी हितधारकों से बातचीत के जरिए मतभेदों को सुलझाने की अपील की है। हालांकि, इसने रूस के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के सभी प्रस्तावों में वोटिंग में गैर-हाजिर रहने का विकल्प चुना।
 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *