बैंकर बनकर जालसाज ने रिटायरकर्मी से ठग लिए 13.85 लाख, अब 6 सालों तक जेल में पीसेगा चक्की

दुमका
झारखंड की उपराजधानी दुमका में जालसाजी और धोखाधड़ी के अभियुक्त को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए छह साल का सश्रम कारावास और जुर्माना किया है। यह सजा न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी ऋत्विका सिंह की न्यायालय ने सुनाया। न्यायालय ने अभियुक्त नजरूल इस्लाम को जालसाजी एवं धोखाधड़ी के मामले में दोषी करार देते हुए छह साल सश्रम कारावास और 10 हजार रूपये जुर्माना सुनाया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने न्यायालय ने सभी धाराओं में अलग-अलग दण्डों को एक के बाद एक भुगते जाने का आदेश पारित किया।

बता दें कि वर्ष 2018 में जिले के रानेश्वर थाना क्षेत्र के रंगलिया गांव निवासी अभियुक्त नजरूल इस्लाम ने स्वयं को भारतीय स्टेट बैंक का कर्मी बताते हुए पीएचडी विभाग के सेवानिवृत्त चतुर्थवर्गीय कर्मी रफाएल बास्की को जाल में फंसा लिया। नजरूल ने पीड़ित   से सादे कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिया। उसके बाद अभियुक्त ने पीड़ित रफाएल के आधार और पैन कार्ड का उपयोग करते हुए नया चेकबुक प्राप्त कर लिया। फिर उसी चेक के माध्यम से पीड़ित के बैंकखाते से उसकी सम्पूर्ण सेवानिवृत्ति लाभ के रुपए निकाल लिए। आरोपी ने पीड़ित के खाते से 13लाख 85 हजार 760 रूपये का अवैध निकासी कर ली। पैसे की निकासी एसबीआई मेन ब्रांच, दुमका से किया। मामला उजागर होने पर पुलिस ने पैसे समेत अन्य साक्ष्य रानेश्वर थाना क्षेत्र से बरामद किया। अभियुक्त के पास से विभिन्न फर्जी दस्तावेज और अन्य व्यक्तियों के चेक इत्यादि निजी दस्तावेज पुलिस ने बरामद किया था। इस कांड में अभियोजन का संचालन सहायक लोक अभियोजक रामकिंकर पाण्डेय एवं बचाव पक्ष से रविंद्र कुमार बहस कर रहे थे। मुकदमे में कुल सात गवाहों की गवाही ली गई। धोखाधड़ी व जालसाजी का केस नगर थाना में भादवि की धारा 419/ 420/ 46/ 468 एवं 471 के तहत दर्ज की गई थी।

 

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