कांटे की टक्कर वाली सीटों पर गेमचेंजर साबित हो सकते हैं पोस्टल बैलेट, सबसे पहले होगी गिनती
गोरखपुर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार पोस्टल बैलेट की बड़ी चर्चा रही। कहा जा रहा है कि पोस्टल बैलेट इस बार विधानसभा चुनाव का पणिाम बदलने तक की ताकत और हैसियत में आते दिख रहे हैं। दरअसल, इस बार कोविड के चलते चुनाव आयोग ने वोट फ्रॉम होम की जो सुविधा दी थी उसकी वजह से भी पोस्टल बैलेट की संख्या बढ़ी हुई है। मतदानकर्मियों ने घर-घर जाकर बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं से मतदान कराया। अब इसका असर मतगणना में दिखेगा।
कांटे की टक्कर वाली सीटों पर निर्णायक हो सकते हैं पोस्टल बैलेट के मत
कांटे की टक्कर वाली सीटों पर पोस्टल बैलेट के मत कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं इसका अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है लखनऊ में ही करीब 11 हजार मत पोस्टल बैलेट से पड़े हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर जीत-हार का अंतर 500 से 1000 के बीच था। इस बार भी कुछ सीटों पर इसकी सम्भावना जताई जा रही है। यदि सच में ऐसा हुआ तो फिर पोस्टल बैलेट के मत निर्णायक साबित होंगे।
मतगणना की तैयारियां तेज
मतगणना को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। गोरखपुर में विश्वविद्यालय परिसर में इंतजाम किया गया है। 10 मार्च को यहीं जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों के वोटों की गिनती होगी। पहले पोस्टल और इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट्स (ईटीपीबीएस) के मतों की गिनती होगी। फिर ईवीएम के मत गिने जाएंगे। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित ई-डिस्ट्रिक्टर में ईटीपीबीएस की गिनती के लिए सभी आरओ-एआरओ को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें बरती जाने वाले सभी बारीकियां भी बताई गईं।
आज होगी ट्रेनिंग
मंगलवार को पोस्टल बैलेट की गिनती के लिए तैनात कार्मिकों का प्रशिक्षण होगा। जिला बचत अधिकारी बृजेश कुमार यादव ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम में पड़े वोटों की गिनती के लिए 14 मतगणना टेबल बनाए गए हैं। हर टेबल पर एक मतगणना पर्यवेक्षक, एक मतगणना सहायक व एक माइक्रो आब्जर्वर तैनात किए गए हैं। उनके सहयोग के लिए एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होगा। इसी तरह पोस्टल बैलेट की गिनती के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में चार टेबल लगाए जा रहे हैं।
हर टेबल पर होंगे चार-चार कर्मचारी
हर टेबल पर चार-चार कर्मचारी होंगे। इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट्स (ईटीपीबीएस) के लिए हर विधानसभा में एक टेबल बनाया जाएगा। जिले में तीन मार्च को छठे चरण में मतदान हुआ था। गोरखपुर विश्वविद्यालय के डलीगेसी भवन के पास बैडमिंटन हाल में, दीक्षा भवन, कन्वेंशन हाल, वाणिज्य संकाय एवं कला संकाय में स्ट्रांग रूम बनाकर ईवीएम को सुरक्षित रखा गया है। 10 मार्च को होने वाली मतगणना के लिए करीब 750 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है।
पैरामिलिट्री के साथ पुलिस कराएगी मतगणना
सातवें चरण का मतदान समाप्त होने के बाद अब मतगणना की तैयारियां शुरू हो गई है। मतगणना को लेकर प्रशासन और पुलिस के आला अफसर अपने स्तर से तैयारी कर रहे हैं। गोरखपुर में मतगणना को लेकर पांच कम्पनी पैरामिलिट्री रोकी गई है, स्थानीय पुलिस भी मुस्तैद रहेगी। मतगणना के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में मतगणना स्थल पर फोर्स तो रहेगी ही बाहर भी भारी फोर्स लगाई जाएगी। इसी के साथ संवेदनशील इलाकों में फोर्स की गश्त बढ़ाई जाएगी।
स्कूलों में रुकी है फोर्स
गोरखपुर और आस-पास के जिलों में छठे चरण में मतदान हुआ था। गोरखपुर में पैरामिलीट्री और पुलिस मिलाकर 30 हजार से ज्यादा जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। चुनाव समाप्त होने और स्ट्रांग रूम में ईवीएम जमा कराने के बाद फोर्स यहां से सातवें चरण का चुनाव कराने निकल गई। गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए भी पैरामिलीट्री लगाई गई है। इसी के साथ ही अब मतगणना कराने वाली पैरोमिलिट्री की पांच कम्पनी भी गोरखपुर में आ गई है। उन्हें शहरी इलाके के स्कूलों में रोका गया है। वहीं दूसरी तरफ सातवें चरण में चुनाव कराने गई गोरखपुर की फोर्स आठ मार्च यानी मंगलवार को लौट आएगी। पुलिस अफसरों ने मतगणना को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय परिसर में मतगणना स्थल के आस-पास फोर्स लगाने के साथ ही विश्वविद्यालय के बाहरी इलाके में भारी फोर्स तैनात करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि अंदर तो वहीं जाएंगे जिन्हें पास जारी किया जाएगा।
गोरखपुर विवि पर लगेगी ज्यादा फोर्स
लेकिन विश्वविद्यालय के बाहर समर्थकों की भीड़ ज्यादा होने से यहां फोर्स ज्यादा लगाने की तैयारी है। इसी के साथ चुनाव के नतीजे के बाद किसी तरह की कोई दिक्कत न हो इसके लिए संवेदनशील इलाके में भी फोर्स लगाने की तैयारी है। स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर यहां पैरामिलिट्री भी गश्त में अपनी मौजूदगी दिखाएगी।
