पश्चिम से पूरब तक अनुप्रिया पटेल ने लगाया जोर, 64 सभाएं और तीन रोड-शो से साधा वोटरों को
लखनऊ
केंद्र व प्रदेश में भाजपा अगुवाई वाले एनडीए की प्रमुख घटक अपना दल (सोनेलाल) की अध्यक्ष केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने विधानसभा चुनाव में पश्चिम से लेकर पूरब तक 64 चुनावी सभाओं के साथ ही तीन रोड शो भी किए। इनके सबसे अधिक कार्यक्रम बुंदेलखंड और पूर्वांचल की विधानसभा क्षेत्रों में लगे। भाजपा द्वारा ही इनके कार्यक्रम तय किए जा रहे थे।
अद (एस) 2014 से ही भाजपा के साथ है। 2017 में इस दल को गठंबधन के तहत 11 सीटें मिली थीं जिसमें से 09 में जीत मिली थी। इस बार भाजपा ने अद (एस) को गठबंधन के तहत 17 सीटें दी हैं। सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ ही दल की नेता अनुप्रिया पटेल को भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में कई सभाएं करने का मौका भी दिया। इस चुनाव के दौरान अनुप्रिया पटेल ने अद (कमेरावादी) की अध्यक्ष अपनी मां कृष्णा पटेल के प्रतापगढ़ सदर सीट से चुनाव मैदान में उतरने पर गठबंधन के तहत मिली इस सीट को भाजपा को वापस कर दिया। यह कदम उठाकर उन्होंने यह जताने की कोशिश की कि वह अपनी मां की राह में कोई रोड़ा नहीं बनना चाहती हैं। वहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ सिराथू से चुनाव मैदान में उतरी बहन पल्लवी के खिलाफ सिराथू में ना सिर्फ चुनावी सभा की बल्कि पारिवारिक विवाद के हवाले से पल्लवी पटेल का कच्चा चिट्ठा मंच से खोलने का काम किया।
हर जनसभा में उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार की विकास कार्यक्रमों का ब्यौरा रखने के साथ ही सामाजिक न्याय के लिए उनकी पार्टी द्वारा किए गए प्रयास का जिक्र किया। नीट के आल इंडिया कोटे में ओबीसी आरक्षण, सैनिक स्कूलों में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा मजबूती से उठाने का जिक्र किया। बताया कि उनके प्रयासों से पीएम ने ओबीसी के आरक्षण को लेकर कई फैसले लिए।
अनुप्रिया ने अपनी चुनावी सभाओं का दौर दूसरे चरण की स्वार सीट से शुरू किया। दूसरे चरण में महज एक सभा की। इसके बाद तीसरे चरण में 12, चौथे चरण में 06, पांचवें चरण में 20, छठवें चरण में 10 तथा पांचवें चरण में 15 चुनावी सभाओं को संबोधित किया। अनुप्रिया ने कायमगंज, किदवईनगर तथा शोहरतगढ़ में रोड-शो भी किए।
