विभागीय मामलों में स्टे हटाने 15 दिनों में कोर्ट में करना होगा आवेदन

भोपाल
राज्य शासन के विभागीय मामले जिनमें कोर्ट में स्टे लगा हुआ है उन्हें अब  निरस्त करवाने की प्रक्रिया तेजी से शुरु होने जा रही है। इस प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट का हवाला दिया जाएगा, जिसमें 6 महीने से ज्यादा स्टे प्रभावी नहीं रह सकता है।

सूत्रों की मानी जाए तो हाल ही में शासन के संज्ञान में यह आया है कि प्रदेश के कई विभागों के मामलों में लंबे समय से स्टे लगा हुआ है। ऐसे मामलों में विभागीय याचिका प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्टे निरस्त करवाने की प्रक्रिया शुरू करें। इसके साथ ही जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर जिलों के लोक अभियोजन अधिकारियों को भी लिखा गया है कि वे स्टे निरस्त करवाएं। इसके अलावा जो मामले लंबे समय से अदालत में चल रहे हैं और अब तक लंबित हैं, ऐसे मामलों में शीघ्र सुनवाई की लिए आवेदन कोर्ट में लगाए जाएं।

टाइम लिमिट तय
ऐसे सभी मामलों में स्टे निरस्त करवाने के लिए संबंधित अफसरों को 15 दिन के भीतर कोर्ट में आवेदन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शीघ्र सुनवाई के लिए भी इतने ही दिन का समय दिया गया है। स्टे निरस्त करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2013 के एक मामले का हवाला देकर यह विभागों के याचिका प्रभारियों को बताया गया है कि किसी भी प्रकरण में स्थगन आदेश 6 महीने से अधिक प्रभावी नहीं रहेगा, जब तक की स्पीकिंग आॅर्डर के माध्यम से समय न बढ़ाया जाए।

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