शिशु संरक्षण माह का हुआ जिला स्तरीय शुभारंभ
रायपुर
शिशु संरक्षण माह का जिला स्तरीय शुभारंभ विधायक कुलदीप जुनेजा के द्वारा हमर अस्पताल राजा तालाब में किया गया। यह अभियान प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार के अनुरूप शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा। मार्च महीने में यह 8, 11, 15, 18, 22, 25, 29 मार्च एवं 1, 5 तथा 8 अप्रेल को आयोजित होगा।
शुभारंभ अवसर पर विधायक ने बच्चों को विटामिन-ए अनुपूरक की खुराक पिलाई। इस अवसर पर पार्षद आकाश तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर डॉ. श्रीमती मीरा बघेल, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आशीष वर्मा, डी.के. बंजारे सांख्यिकी अधिकारी, बी.एम.ओ डॉ पंकज किशोर मिश्रा, अंशुल थुदगर शहरी कार्यक्रम प्रबंधक गजेन्द्र डोंगरे जिला मिडिया प्रभारी स्वास्थ्य विभाग (सी.एम.एच.ओ कार्यालय) भी उपस्थित थे।
जिला टीकाकरण अधिकारी ने विटामिन-ए एवं आई. एफ.ए. सिरफ के फायदे के बारे में बताया। विटामिन-ए जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्वों का हिस्सा है, जो कि कई प्रक्रियाओं के सुचारू संचालन के लिए शरीर के लिये आवश्यक होता हैं। 6 माह से 5 वर्ष के बच्चों को 6-6 माह के अंतराल में विटामिन-ए पिलाना चाहिए। विटामिन-ए त्वचा, हडियों और शरीर के अन्य कोशिकाओं को मजबूत रखने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन-ए में एंटी आॅक्सीडेंट मौजूद होता हैं। विटामिन-ए आँखों की बीमारियो के खतरे को कम करता है और रंतौधी से बचाता है।
उन्होंने बताया कि शिशु संरक्षण माह के दौरान 6 माह से 5 वर्ष के बच्चों को आई.एफ.ए. सिरफ की 1 बोतल दिया जाएगा। यह दवा सप्ताह में दो दिन मंगलवार एवं शुक्रवार को 1 एम.एल. पिलायी जाएगी। आयरन शरीर और दिमाग दोनों में आॅक्सीजन सप्लाई में मदद करता है जिससे शारीरिक और मानसिक दोनो रूप से एनर्जी आती है। आयरन कम होने के कारण थका हुआ और चिड़चिड़ापन महसूस होता है। एनीमिया से बचाने में आयरन मददगार होता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करने के लिये भी आयरन आवश्यक है।
