अलमारियों के पीछे थे गुप्त दरवाजे और तहखाने, फर्श के पत्थरों में छिपे थे कोड

कानपुर
इत्र कारोबारी पीयूष जैन, जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) और इनकम टैक्स विभाग की रेड के बाद मीडिया ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी सुर्खियों में आ गए थे। पीयूष के कानपुर और कन्नौज स्थित ठिकानों पर करीब छह दिनों तक चली छापेमारी में अकूत संपत्ति मिली थी। तो वहीं, अब डीजीजीआई ने 334 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है, जिसके मुताबिक पीयूष जैन का घर किसी भूल-भुलैय्या से कम नहीं था। छापेमारी के दौरान डीजीजीआई और इनकम टैक्स विभाग की टीम को पीयूष के घर में कई रहस्यमस कमरे, बेसमेंट और अलमारियों के पीछे छोटे-छोटे गुप्त दरवाजे मिले थे।
 

चार्जशीट के मुताबिक, फर्श के खूबसूरत पत्थरों की डिजाइन में छिपे तहत-तरह के कोड थे, जिनसे ये तहखाने खुलते थे। तलाशी के दौरान डीजीजीआई की टीम के सदस्य भी यह सब देखकर चकरा गए थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इन सभी कोड्स को ब्रेक कर पूरी दौलत और सोने तक अपनी पहुंच बनाई। चार्जशीट में तकरीबन 196.45 करोड़ रुपये नकद और 23 किलो सोना बरामद किया गया है। बरामद सोने की कीमत करीब 11 करोड़ रुपए बताई गई है, जो काले धन की श्रेणी में आएगा। तो वहीं, अभी कुछ दिनों पहले यह बात भी सामने आईं है कि पीयूष जैन का तार सिलीगुड़ी के एक सुपारी तस्‍कर से जुड़ा है। आयकर विभाग की टीम ने सुपारी कारोबारी के 25 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी।
 

जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) अहमदाबाद की ओर से कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट के मुताबिक, पीयूष जैन ने कानपुर और कन्नौज स्थित कोठी के निर्माण के वक्त ही कई रहस्यमय कमरे, बेसमेंट, दरवाजे आदि बनवाए गए थे। चार्जशीट में बताया कि कानपुर में 22 दिसंबर को छापे मारने की तीसरे दिन यानी 24 दिसंबर को एक टीम पीयूष के दोनों बेटों प्रत्यूष जैन और प्रियांश जैन को लेकर कन्नौज स्थित उसके पैतृक आवास गई। पहले दिन उसका पूरा घर छान मारा लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। डीजीजीआई के दो अधिकारी प्रत्यूष को लेकर छत तक गए लेकिन एक शेड के अलावा कुछ नहीं दिखा।
 

चार्जशीट में बताया गया कि डीजीजीआई के एक अधिकारी की नजर पीयूष के घर की छत से लगी दूसरी छत पर गई। दोनों घरों बीच एक छोटी सी दीवार थी। ये किसका घर है? जवाब में प्रत्यूष ने कहा, मेरा ही है। इसका रेनोवेशन करा रहे हैं। डीजीजीआई टीम ने उस घर में चलने के लिए कहा तो प्रत्यूष बोला, इसका गेट पीछे है। अफसर चौंके और पीछे वाले दरवाजे से ले चलने को कहा। जब दूसरे घर में डीजीजीआई की टीम घुसी तो एक खूबसूरत कमरा दिखा जो पीयूष जैन का बेडरूम बताया गया।

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