आम आदमी की उम्मीद, कार्यकर्ताओं का भरोसा हैं दिग्विजय सिंह
( अमिताभ पाण्डेय )
आप मध्य प्रदेश तो क्या देश के किसी भी राजनीतिक दल में ऐसे जनप्रिय नेता को बता दीजिए जो राजनीति की ऊंचाई पर पहुंच कर भी जमीन से जुड़ा हो !
केवल अपने गांव शहर , विधानसभा क्षेत्र , संसदीय क्षेत्र ही नहीं बल्कि संपूर्ण प्रदेश में ग्राम पंचायत स्तर तक के गांव और उनमें रहने वाले कम से कम दो चार लोगों को नाम से जानता हो। अपने छोटे से छोटे कार्यकर्ता को नाम लेकर स्नेहभाव से बुलाता हो। आम आदमी को जिससे बात करने में बहुत खुशी हो ।
जो आम आदमी की बात को ध्यान से सुन कर तत्काल कार्यवाही करे ।कार्यकर्ताओं के घर परिवार की चिंता करें ।शादी ब्याह , बीमार दुखी होने पर मन से , धन से मदद करे। इतनी सारी खूबियां इस दौर के बहुत ही कम राजनेताओं में देखने को मिलती है।निर्भीक, निष्पक्ष और सद्भाव के विचार की दमदार तरीके से पैरवी करने वाले दिग्विजय सिंह ऐसे ही राजनेता हैं। इन तमाम खूबियों को अपने दामन में समेटे , गांधी नेहरू की विरासत को गरिमामय तरीके से आगे बढ़ाने वाले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का आज 28 फरवरी को जन्मदिन है।
" दिग्विजय सिंह " बस केवल यह नाम ही काफी है। अपने चाहने वालों के बीच उनकी शोहरत " राजा साहब " के नाम से भी है ।यह शोहरत देश की, प्रदेश की सीमाएं पार कर विदेश तक फैली हुई है ।फैलती जा रही है ।आपको बताना जरूरी होगा कि दिग्विजय सिंह होना आसान नहीं है ।
उनके जैसा होना बहुत मुश्किल है। यही कारण है कि उनके जैसा मेहनती, संवेदनशील , मददगार व्यक्तित्व राजनीति के मैदान में दूर दूर तक नजर नहीं आता है।
हम इस बात को एक प्रसंग से समझ सकते हैं।अभी कुछ माह पहले जब कड़ाके की ठंड में लोग अपने अपने घर में कमरे से बाहर नहीं निकल पा रहे थे , तब राजा साहब ने भोपाल , मंदसौर, सीहोर, राजगढ़ सहित कुछ अन्य जिलों के गांवों में अल सुबह 6:00 बजे से रामधुन गाते हुए प्रभात फेरी निकाली। उनके साथ स्थानीय कार्यकर्ता भी निकल पड़े। सुबह की गहरी नींद में अलसाए लोग बरसों बाद कड़ाके की ठंड में अपने घर के सामने से " रघुपति राघव राजा राम " की धुन गाते जा रहे जनप्रिय नेता दिग्विजय सिंह को देखकर हैरान रह गए।
राजा साहब ने गांव-गांव में रामधुन ही नहीं गाई । चौपाल पर बैठे गांव वालों से दिल खोलकर बातचीत की। उनकी समस्याएं सुनी और समाधान की पहल की ।इस समय किसी भी राजनीतिक दल में ऐसे नेता के बारे में सोचना बहुत मुश्किल है जो सुबह 6:00 बजे से जनता के बीच आ जाए।मैं गर्व से कहता हूं कि हमारे " राजा साहब " ऐसे ही जमीनी नेता हैं जो बेमिसाल हैं।उनके जैसा कोई नहीं । राजा साहब अल सुबह 6:00 बजे से तैयार होकर लोगों के बीच उनकी समस्याओं को सुनने के लिए तैयार रहते हैं।वे लोगों की सुनते हैं ।
उनके काम करते हैं ।यहां यह जिक्र करना भी जरूरी होगा कि राजा साहब को वर्षों से लोगों को आत्मीयता पूर्वक सुनने और उनकी समस्याओं को समाधान करने की आदत है।
वे जब मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री रहे , राजगढ़ से सांसद रहे उन दिनों भी कार्यकर्ताओं से अल सुबह मुलाकात का सिलसिला शुरू कर दिया करते थे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए सुबह 6:00 से 9:00 के बीच मुख्यमंत्री निवास में प्रतिदिन लगभग 2000 से 3000 लोगों से मिलना , उन सबके काम की पहल करना आदत बन गया।
मुख्यमंत्री के रूप में राजा साहब का घर मुख्यमंत्री निवास में रात 2 बजे भी चहल पहल से भर रहता था ।उनके बाद जो भी मुख्यमंत्री बना वह प्रतिदिन दो तीन हजार लोगो से आज तक नही मिल पाया है।राजा साहब का यह रिकार्ड अब तक कोई मुख्यमंत्री नहीं तोड़ सका है।अब राज्यसभा सदस्य के रूप में राजा साहब लगातार अपने समर्थकों , कांग्रेस कार्यकर्ताओं से लगातार मिलते हैं।जहां रहते हैं , वहां मिलते हैं। जहां जाते हैं , वहां मिलते हैं।
उनके पास आने वाले हर आदमी की मदद को तैयार रहते हैं । हमारे राजा का दरबार सबके लिए खुला है । जो खुद को उनका विरोधी मानते हैं , उनकी भी मदद के लिए राजा साहब ने हमेशा सक्रियता दिखाई है।राजा साहब भोपाल में हो या दिल्ली में हो अथवा किसी अन्य गांव शहर के प्रवास पर ।उनसे मिलने वालों की भीड़ लगातार बढ़ती जाती है। यह राजा साहब के प्रति कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम आदमी का अटूट भरोसा है। यह सच भी है कि लोग कहते हैं "राजा साहब हैं तो भरोसा है " यह सच भी है ।राजा साहब समाज की सबसे अंतिम लाइन में खड़े आम आदमी की उम्मीद हैं ।
कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का अटूट भरोसा है ।
राजा साहब सब की उम्मीद, सब के विश्वास पर खरे उतरते हुए जनसेवा के पथ पर लगातार बढ़ते जा रहे हैं । देश प्रदेश में जो लोग कांग्रेस पार्टी को सत्ता में वापस लाना चाहते हैं उनको जमीनी नेता दिग्विजय सिंह से सीखना चाहिए कि कैसे अपने कार्यकर्ताओं को महत्व दिया जाए ? लगातार गांव शहरों में भ्रमण कर पार्टी की सक्रियता को बनाए रखा जाए ।
लोगों को सुनने और उनकी समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुनकर उनके समाधान के प्रयास किए जाएं । अपने निजी कोष से भी लोगों की सुख दुख में मदद की जाए।
यहां यह भी जान लीजिए कि पिछले लगभग 5 दशक की राजनीतिक यात्रा में राजा साहब ने अपने से उम्मीद लगाने वाले किसी भी नेता , कार्यकर्ता एवं आम आदमी को कभी निराश नहीं किया ।
राजा साहब ने चाहे वे किसी भी पद पर रहे , अपनी तरफ से सबके लिए हमेशा खुले दिल से मदद की है ।राजा का दरबार सबकी मदद के लिए हमेशा खुला है। यदि कांग्रेस के दूसरे बड़े नेता भी अपना कामकाज और व्यवहार ऐसा कर पाए तो यकीन मानिए यह पार्टी जरूर सत्ता में लौटेगी।
जनप्रिय और जमीनी नेता दिग्विजय सिंह " राजा साहब " के जन्मदिन पर हम ईश्वर से उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु होने की कामना करते हैं।
वे जनसेवा के पथ पर अधिक ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे, राजनीति में बड़े पद की गरिमा को बढ़ाएंगे, ऐसा हमारा विश्वास है।
(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं , संपर्क: 9424466269 )
