LIC लाएगा नया डिजिटल प्लेटफॉर्म, निजी क्षेत्र से होगा मुकाबला
नई दिल्ली।
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अलग डिजिटल वर्टिकल या डिजिटल प्लेटफॉर्म लाने की योजना बना रही है। आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) के बाद बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने, एजेंटों पर निर्भरता कम करने, डिजिटलाइजेशन बढ़ने और निवेशकों को लुभाने के मकसद से यह योजना बनाई जा रही है। निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियों से मुकाबले के लिए एलआईसी नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लाने जा रही है।
एलआईसी के अध्यक्ष एमआर कुमार ने प्री-आईपीओ बैठक के दौरान कहा है कि हम एक पूर्ण डिजिटल वर्टिकल बनाना चाहते हैं। यह हमारे मौजूदा ऑनलाइन चैनल की समीक्षा और नवीनीकरण से अलग होगा। दिसंबर 2020 से जनवरी 2022 के दौरान प्रीमियम के लिहाज से एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी 68.05 फीसदी से गिरकर 61.4 फीसदी पर आ गई है। जून 2020 के 74.04 फीसदी के मुकाबले एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी में 13 फीसदी की गिरावट आई है। बाजार हिस्सेदारी में मुख्य कारण एजेंटों पर निर्भरता रही है, जिनको 2020 में कोरोना महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के चलते ग्राहकों से संपर्क करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
एजेंटों से मिलता है 90 फीसदी प्रीमियम
अप्रैल से दिसंबर 2021 के दौरान एलआईसी का नया कारोबार प्रीमियम आय 3.07 फीसदी गिरकर 1.26 लाख करोड़ रुपए रही है। वहीं निजी क्षेत्र की कंपनियों का नया कारोबार प्रीमियम आय 29.8 फीसदी की बढ़त के साथ 79,216.84 करोड़ रुपए रही है। एलआईसी के डाटा के मुताबिक, उसकी कुल प्रीमियम आय में से 90 फीसदी एजेंटों के माध्यम से आती है। बाकी आय बैंकएश्योरेंस और अन्य चैनल के जरिए होती है।
