योगी ने कहा- कोई बच्ची अपनी मर्जी से हिजाब नहीं पहनती

 लखनऊ

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बीच कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब विवाद कई राज्यों तक पहुंच चुका है. हिजाब से जुड़े सवाल पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोई बच्ची अपनी मर्जी से हिजाब नहीं पहनती है. वहीं भगवा कपड़ों के सवाल पर सीएम ने कहा कि वह भगवे को किसी अन्य पर थोप नहीं रहे हैं.

चुनाव से पहले सीएम योगी ने गजवा ए हिन्द का जिक्र क्यों किया? इसपर योगी ने कहा कि जो लोग तालिबान बनाने का सपना देख रहे हैं, दंगाराज लाने का सपना देख रहे हैं, आधी आबादी को उनके अधिकारों से वंचित रखना चाहते हैं उनसे तो यही बोलना पड़ेगा कि गजवा ए हिन्द का सपना कभी पूरा नहीं होगा.

हिजाब विवाद पर क्या बोले सीएम योगी

योगी ने कहा अगर लड़कियाँ  हिजाब पहनना चाहती हैं तो पहन सकें. इसपर सीएम योगी ने कहा कि कोई भी बच्ची अपनी मर्जी से हिजाब नहीं पहनती है. वह बोले कि क्या तीन तलाक को महिलाएं मर्जी से मान लेती हैं? उन बेटियों-बहनों से पूछेंगे तो पता चलेगा. मैंने उनकी आंखों के आंसू देखे हैं.

योगी भी तो मर्जी से भगवा पहन रहे हैं. इसका जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि हां मैं इसे अपनी मर्जी से पहन रहा हूं. लेकिन मैं इसे अपने कार्यालय पर थोप नहीं रहा. क्या मैं कार्यालय में, पार्टी में सबको बोल सकता हूं कि भगवा पहनकर आओ. नहीं मैं ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि सबको स्वतंत्रता है. लेकिन संस्था के अनुशासन का भी ध्यान रखना जरूरी है.

सीएम योगी से यूपी चुनाव पर भी बात की गई. पूछा गया कि पहले और दूसरे चरण के बाद किसकी गर्मी शांत हुई, इसपर योगी ने कहा कि दो चरणों के बाद कह सकता हूं कि जो 'फिर एक बार 300 पार' का लक्ष्य लिया था, उसको पा लेंगे.

 सीएम योगी ने दावा किया कि पहले चरण में जिन 58 सीटों पर चुनाव हुआ था, उसमें से बीजेपी 45-50 सीटें जीतेगी. इसके साथ-साथ सीएम योगी बोले कि करहल सीट से बीजेपी के प्रत्याशी एसपी सिंह बघेल जीतेंगे.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को चुनौती दी है कि यदि वह खुद को योग्य मानते हैं तो अपर्णा यादव से बहस करके देख लें। एक टीवी चैनल से बातचीत में अपर्णा यादव को भाजपा में लेने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह यादव परिवार की बहू बनने से पहले भी सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 20 से ज्यादा परिवार के सदस्य थे, लेकिन हमने अपर्णा यादव को ही लिया क्योंकि वह उनमें सबसे ज्यादा योग्य थीं। मुख्यमंत्री ने कहा, 'उन सबमें अपर्णा यादव सबसे योग्य थीं, इसलिए हम भाजपा में ले आए। अखिलेश यादव यदि अपर्णा यादव से बहस कर लें तो पता चल जाएगा कि किसकी योग्यता ज्यादा है।'

 

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