कुमार विश्वास का केजरीवाल पर बड़ा आरोप, अलगाववादियों के सहारे पंजाब का CM बनना चाहता था

पंजाब। पंजाब विधानसभा 2022 के लिए 20 फरवरी को मतदान होना है। चुनावों के बीच सभी पार्टियां अपनी ताकत झोंक रही हैं। आम आदमी पार्टी  भी इस बार पंजाब की कुर्सी के लिए दावेदारी ठोंक रही है। इस बीच आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और कवि डॉ. कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल पर बड़े आरोप लगाए हैं। विश्वास ने केजरीवाल का नाम लिए बिना कहा कि वो आदमी लगातार अलगाववाद के सहारे पंजाब का मुख्यमंत्री बनना चाहता था। विश्वास ने कहा कि मैं हमेशा से मानता रहा हूं कि पंजाब एक राज्य नहीं, बल्कि एक इमोशन है। पंजाबियत एक भावना है। ऐसे में एक ऐसा आदमी अलगाववादी संगठनों, खालिस्थानी समर्थकों का साथ ले रहा था।

अपनों को लड़वाकर मुख्यमंत्री बनना चाहता था
विश्वास ने पिछले चुनावों की जिक्र करते हुए कहा कि वो लगातार अलगाववादियों का साथ ले रहा था। जब मैंने उससे कहा कि इनका साथ मत ले तो उसने मुझसे कहा कि नहीं – नहीं तू चिंता मत कर। हो जाएगा। मैंने पूछा कि इनका साथ लेकर कैसे मुख्यमंत्री बनेंगे तो उसने मुझे इसका फॉर्मूला भी बताया कि ऐसे-ऐसे भगवंत (भगवंत मान, वर्तमान सीएम कैंडिडेट) और फुल्का जी (एचएच फुल्का) को लड़वा दूंगा। और आज भी वो उसी पथ पर है। मानो तो मानो नहीं तो वो पपेट बिठा देगा। कोई कुछ कर लेगा वो।

स्वतंत्र देश का पहला प्रधानमंत्री बनूंगा…
कुमार विश्वास ने कहा कि मुझे उसने इतनी भयानक बातें बोलीं, जो कि पंजाब में सबको पता हैं। एक दिन तो मुझसे बोला कि तू चिंता मत कर, या तो मैं एक स्वतंत्र सूबे का मुख्यमंत्री बनूंगा। मैंने कहा कि ये अलगाववाद… 2020 का रेफरेंडम आ रहा है। आईएसआई (ISI) से लेकर पूरी
दुनिया फंडिंग कर रही है। तो बोला कि तो क्या हुआ। स्वतंत्र देश का पहला प्रधानमंत्री बनूंगा। विश्वास ने कहा कि इस आदमी में सत्ता का ऐसा लालच है कि बस सरकार बननी चाहिए। भले ही अलगाववाद सहारे बने।

आप में रहे हैं कुमार विश्वास
कुमार विश्वास हिंदी कवि, वक्ता और सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्ता हैं। वे आम आदमी पार्टी में भी रह चुके हैं। अन्ना हजारे के आंदोलन के वक्त कुमार विश्वास और अरविंद केजरीवाल एक साथ आए इसके बाद विश्वास कुछ समय तक केजरीवाल की पार्टी में काम करते रहे। कहा जाता है कि कुमार राज्यसभा जाना चाहते थे, लेकिन केजरीवाल ने उन्हें राज्यसभा के लिए नहीं चुना। इस वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ दी। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *