किसान आंदोलन पर दे रहे थे भारत को ज्ञान, ट्रक डाइवरों के प्रदर्शन पर ट्रुडो ने कनाडा में लगाया आपातकाल
ओटावा।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि उन्होंने कोविड-19 प्रतिबंधों के विरोध में ओटावा को पंगु बनाने वाले और सीमा पार यातायात को बाधित करने वाले ट्रक ड्राइवरों और अन्य लोगों के प्रदर्शन से निपटने के लिए आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया है। ट्रुडो ने सेना का इस्तेमाल करने की संभावना से इनकार किया और सोमवार को कहा कि आपातकालीन कदम ''निश्चित समय सीमा के लिए उठाए जाएंगे, भौगोलिक आधार पर लागू किए जाएंगे और जिस खतरे से निपटने के लिए उन्हें लागू किया गया है, वे उसके अनुपात में एवं तार्किक तरीके से लागू किए जाएंगे।''
ट्रुडो प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सेना बुलाने की अपील को अब तक खारिज करते आए हैं। बहरहाल उन्होंने यह कहा था कि अन्य सभी ''विकल्पों पर गौर किया गया है।'' ट्रकों और अन्य वाहनों में हजारों प्रदर्शनकारियों ने ओटावा की सड़कों को पिछले दो सप्ताह से बाधित कर रखा है। ये प्रदर्शनकारी कोविड-19 टीका लगवाने की अनिवार्यता और महामारी के कारण लागू अन्य प्रतिबंधों का विरोध कर रहे हैं। ट्रकों के काफिले ने ओंटारियो में विंडसर को अमेरिकी शहर डेट्रॉइट से जोड़ने वाले एम्बेसडर ब्रिज को अवरुद्ध कर दिया है जिससे दोनों देशों के बीच ऑटो पार्ट्स तथा अन्य उत्पादों का आयात-निर्यात बाधित हो गया है।
किसान आंदोलन पर क्या बोले थे ट्रूडो
भारत में किसानों के विरोध प्रदर्शन के समय जस्टिन ट्रूडो ने कहा था, ‘अगर मैं किसानों के विरोध के बारे में भारत से आने वाली खबरों पर अपनी बात न रखता हूं तो मुझे खेद होगा। स्थिति चिंताजनक है। हम सभी परिवार और दोस्तों को लेकर बहुत चिंतित हैं। हम जानते हैं कि यह आप में से कई लोगों के लिए एक वास्तविकता है। मैं आपको याद दिला दूं, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कनाडा हमेशा खड़ा रहेगा। हम बातचीत की प्रक्रिया में विश्वास करते हैं। हम अपनी चिंताओं को उजागर करने के लिए कई माध्यमों से भारतीय अधिकारियों तक पहुंचे हैं। यह हम सबके लिए एक साथ आने का क्षण है।''
