राज्य आनंद संस्थान ने स्कूलों के लिए तैयार ‘खुशी’ की पाठ

भोपाल
बच्चों में सुसाइड के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए अब उन्हें हैप्पीनेस का पाठ पढ़ाया जाएगा। राज्य आनंद संस्थान की ओर से यह हैप्पीनेस पर विशेष कोर्स तैयार किया गया है। जिसे प्रदेश के सभी विद्यालयों में अगले सत्र से ही लागू किया जाएगा। यह कोर्स 9 वीं से 12वीं के सभी के स्ट्रीम वाले स्टूडेंट्स के लिए कम्पलसरी होगा। गौरतलब है कि अभी देश में छत्तीसगढ़ और दिल्ली जैसे राज्यों में प्राइमरी लेवल पर इस तरह के कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। उत्तरप्रदेश में भी अगले सत्र से इसे शुरू किए जाने की तैयारी है। मध्यप्रदेश भी इस सूची में शामिल होने जा रहा है।  

कुछ इस तरह का होगा कोर्स
इसमें बच्चों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा जीवन में आनंद का क्या महत्व है और जीवन में कैसे खुश रहा जा सकता है। खुश रहना क्यों जरुरी है। यह भी बच्चों को बताया जाएगा। साथ ही आनंद के लिए जीवन में हमारी क्या प्राथमिकता होनी चाहिए, आनंद के लिए परिवार, समाज, प्रकृति और स्वयं का जुड़ाव कितना महत्वपूर्ण है और इससे कैसे जुड़ा रहा जा सकता है, प्यार, ममता, श्रद्धा, गौरव, वात्सल्य, स्नेह क्या है और कैसे जीवन में यह आनंद का रंग घोलते हैं, इस पर भी चर्चा की जाएगी।  हैप्पीनेस के इस सब्जेक्ट में अलग-अलग गतिविधियों भी कराई जाएंगी।

ऐसा तैयार किया गया कोर्स
हैप्पीनेस सब्जेक्ट को तैयार करने के लिए आनंद विभाग ने दिसंबर में 5 दिन का एक प्रोग्राम चलाया था। इसमें करीबन 100 बच्चों ने हिस्सा लिया। हर दिन करीब 6 घंटे चले प्रोग्राम में बच्चों को न सिर्फ हैप्पीनेस से जुड़े पाठ पढ़ाए गए, बल्कि अलग-अलग गतिविधियां भी कराई गई। ताकि देखा जा सके कि तैयार होने वाली किताब सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रह जाए। अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोग्राम के बहुत बेहतर रिजल्ट दिखाई दिए हैं।

 इसमें प्रोग्राम में टीचर्स को भी शामिल किया गया था। स्कूल शिक्षा विभाग के चुनिंदा 50 टीचर की 5 दिन की कार्यशाला हुई थी, जिसमें टीचर्स ने इसे समझा और बुक के ड्राफ्ट को लेकर जरूरी सुझाव दिए थे।

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