क्रिप्टो करंसी पर 28 फीसद की दर से जीएसटी भी लगाने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली।

आम बजट में केंद्र सरकार ने डिजिटल एसेट्स यानी क्रिप्टो करंसी पर हुई कमाई को 30 फीसदी आयकर के दायरे में रख दिया है। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि जीएसटी काउंसिल इसे 28 फीसदी जीएसटी लगाने पर फैसला कर सकती है। सूत्रों के जरिए मिली जानकारी के मुताबिक संसद के बजट सत्र के बाद संभावित जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस बारे में फैसला लिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक समेत वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी क्रिप्टो पर सख्ती की हिमायत कर चुके हैं।

लॉटरी की श्रेणी में रख सकती है सरकार
मामले से जुड़े आधिकारी के मुताबिक सरकार क्रिप्‍टो को लॉटरी की श्रेणी में रख सकती है। मौजूदा दौर में प्राइवेट लॉटरी और हॉर्स राइडिंग पर 28 फीसदी जीएसटी का प्रावधान है। जानकारों की राय में सरकार ने अब जिस तरह से इस पर हुई कमाई को सीधे तौर पर टैक्स के दायरे में रखा है ऐसे में इसके जीएसटी में जाने का रास्ता साफ हो गया है। क्योंकि ये एक तरह का एसेट है जिसे लोग खरीदते हैं तो देश के ऐसे बाकी लेन देन की तरह इस पर भी जीएसटी वसूली का रास्ता खुल जाता है।

आय में जानकारी देना अनिवार्य
विशेषज्ञों के मुताबिक यदि सरकार इस पर जीएसटी नहीं लगाना चाहती है तो भी निवेशकों को कम से कम इस पर सफाई देना जरूरी है। आयकर अधिनियम 1961 के तहत किसी भी स्रोत से प्राप्त आय, जिसका उल्लेख टैक्स के दायरे की श्रेणी में नहीं किया है वो आयकर के दायरे में है।

इस वजह से लग सकती है जीएसटी
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि किसी भी सेवा की आपूर्ति पर यदि किसी भी तरह की विशेष छूट नहीं दी गई है तो उस पर जीएसटी लगेगा। ऐसे में साफ है कि क्योंकि क्रिप्‍टो पर ऐसी कोई छूट नहीं है तो यह भी जीएसटी में आ सकती है। साथ ही जीएसटी कानून के हिसाब से ज्यादातर वर्चुअल करेंसी भारतीय मुद्रा की परिभाषा के दायरे में नहीं आती ऐसे में उसे मनी नहीं माना जा सकता।

रिजर्व बैंक जता चुका हैं चिंता
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास कई बार यह कह चुके हैं कि क्रिप्टो छोटे निवेशकों के साथ मनीलॉन्ड्रिंग के लिहाज से भी परेशानी का सबब है। दास का कहना है कि भारत में क्रिप्टो में निवेश करने वाले 80 फीसदी निवेशक 500 से दो हजार रुपये लगाते हैं। उनका कहना है कि ऐसे छोटे निवेशकों के पास क्रिप्टों में तेज उतार-चढ़ाव से निपटने की समझ नहीं होती जिससे उनकी कमाई कभी भी डूबने की आशंका बनी रहती है।

दुनिया से नियमन में लाने की अपील
वित्त मंत्रालय से शीर्ष अधिकारियों ने पिछले दिनों दुनिया से क्रिप्टो को नियमन में लाने की अपील की है। उनका कहना है कि क्रिप्टो के लिए एक वैश्विक नियमन की जरूरत है।

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