बीना सिविल अस्पताल में सोनोग्राफी की व्यवस्था नहीं

बीना
 सिविल अस्पताल में अभी तक सोनोग्राफी की व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिससे जांच कराने के लिए महिलाओं को निजी नर्सिंगहोम्स में ज्यादा रुपए खर्च करने पड़ते हैं, जबकि सोनोग्राफी मशीन खरीदने के लिए सितंबर 2020 में हुई बैठक में प्रस्ताव पारित हो चुका था, लेकिन अभी तक मशीन नहीं आई है। सोनोग्राफी कराने की जरूरत सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं को रहती है। अस्पताल में महिला चिकित्सक द्वारा जांच तो कर दी जाती है और जब जरूरत सोनोग्राफी की पड़ती है, तो उन्हें बाजार से जांच कराने के लिए कहा जाता है, जहां एक बार सोनोग्राफी जांच कराने के लिए 600 से 800 रुपए खर्च करने पड़ते हैं। इसके बाद भी अस्पताल में जांच कराने की व्यवस्था नहीं की जा रही है। गर्भवती महिलाओं के अलावा पेट संबंधी मरीजों को भी जांच कराने की जरूरत पड़ती है। रोगी कल्याण समिति की बैठक में सदस्यों ने मशीन खरीदने के लिए प्रस्ताव डाला था और यह प्रस्ताव पारित भी किया गया था, लेकिन डेढ़ साल बीत जाने के बाद अभी तक इस ओर कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। गौरतलब है कि अस्पताल में जो उपलब्ध मशीनें हैं उन्हें भी चलाने वाला नहीं है। जबकि इससे कई प्रकार की जांचें की जा सकती हैं।

नहीं है कोई प्रशिक्षित डॉक्टर
इस संबंध में जब भी प्रबंधन से बात की जाती है, तो जवाब मिलता है कि मशीन चलाने के लिए कोई प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं है। जबकि प्रबंधन चाहे तो एक डॉक्टर को प्रशिक्षण दिलाकर अस्पताल में जांच की व्यवस्था शुरू कराई जा सकती है, लेकिन उदासीन रवैए के कारण अभी तक इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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