200 इलाकों में 5 से 10% तक बढ़ सकते हैं जमीनों के दाम

भोपाल
राजधानी में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए तैयार की जा रही कलेक्टर गाइडलाइन में इस बार शहरी सीमा में ही करीब 180 के लगभग नए क्षेत्र और ग्रामीण एरिया में एक दर्जन से अधिक नए क्षेत्र शामिल किए जा रहे हैं। यह वो क्षेत्र हैं, जहां नए प्रोजेक्ट चल रहे हैं। साथ ही आस-पास की चार कॉलोनियों के रेट जहां बढ़ाने हैं, वहां की लोकेशन को मर्ज कर दिया है। ऐसे में शहर में करीब 200 नई लोकेशन पर जमीनों के दाम बढ़ाने की तैयारी चल रही है। अगले सप्ताह उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में ये प्रस्ताव फाइनल करके कलेक्टर भोपाल की अध्यक्षता वाली जिला मूल्यांकन समिति को भेज दिए जाएंगे।  

बढ़ी दरों पर हुई रजिस्ट्री-नामांतरण को बना रहे आधार
पंजीयन अफसर पहले की तरह बढ़ी दरों पर हुई रजिस्ट्री को आधार बनाने के साथ किस क्षेत्र में ज्यादा नामांतरण हो रहे हैं, इसे भी आधार बना रहे हैं। लांबाखेड़ा और नीलबड़ दो ऐसे क्षेत्र हैं, जहां से पिछले एक वर्ष में सबसे ज्यादा नामांतरण के आवेदन आए हैं। पंजीयन विभाग के अफसरों के अनुसार इन्हीं दो क्षेत्रों की कई लोकेशनों पर रजिस्ट्री भी अधिक दरों पर हुई हैं। ऐसे में ये दो क्षेत्र नवविकसित क्षेत्रों में रखे गए हैं। यहां की कई लोकेशनों पर 5 से 10 फीसदी रेट बढ़ाने की तैयारी है। ऐसे ही रायसेन रोड पर भी तेजी से विकास हो रहा है। जाटखेड़ी और मिसरोद में जमीनें पहले से ही काफी महंगी हैं। इसके चलते यहां नाम मात्र की ही बढ़ोत्तरी प्रस्तावित की जाएगी।

मेट्रो के दोनों तरफ 50 मीटर जगह छोड़कर दरें होंगी प्रस्तावित
इधर, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट जिन वार्डों में स्थित है, वहां पर ट्रैक के दोनों तरफ 50 मीटर जगह छोड़कर कई लोकेशनों पर नई दरें प्रस्तावित की जा रही हैं। इससे करीब नौ वार्डों की जमीनों के रेट पर असर पड़ेगा। यहां 5 से 15 फीसदी की बढ़त प्रस्तावित की जा सकती है।

 

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