पाकिस्तान के टॉप बिजनेसमैन का बहुत बड़ा दावा, पाकिस्तान दौरे पर जा सकते हैं पीएम नरेन्द्र मोदी
लाहौर
पाकिस्तान के शीर्ष बिजनेसमैन मियां मोहम्मद मंशा ने भारत और पाकिस्तान संबंध को लेकर बहुत बड़ा दावा किया है और कहा है कि, भारत और पाकिस्तान के बीच पर्दे के पीछे से डिप्लोमेटिक बातचीत चल रही है और जल्द ही दोनों देशों को बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। भारत द्वारा कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद ही दोनों देशों के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण रहे हैं और अब पाकिस्तानी बिजनसमैन का ये दावा काफी अहम माना जा रहा है। पाकिस्तानी बिजनेसमैन का बड़ा दावा पाकिस्तानी बिजनेसमैन का बड़ा दावा पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रमुख बिजनेसमैन मियां मुहम्मद मंशा का दावा है कि पाकिस्तान और भारत के बीच बैकचैनल काम कर रहे हैं जिससे अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद है।
निशात समूह के अध्यक्ष ने मियां मुहम्मद मंशा बुधवार को लाहौर चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में व्यापारियों के साथ एक मीटिंग के दौरान बताया कि, "अगर दोनों पड़ोसियों के बीच चीजें बेहतर होती हैं, तो भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी एक महीने में पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं।" पाकिस्तान के शीर्ष बिजनेसमैंन का ये दावा काफी ज्यादा चौंकाने वाला है, क्योंकि दोनों देशों के बीच फिलहाल जो संबंध हैं, उसे देखकर भारतीय प्रधानमंत्री का पाकिस्तान दौरा करने की कोई भी खबर अत्यंत चौंकाने वाली और अविश्वसनीय ही हो सकती है। भारत से सुधरने चाहिए संबंध भारत से सुधरने चाहिए संबंध पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी उद्योगपति मियां मुहम्मद मंशा ने दोनों देशों से विवादों को सुलक्षाने गरीबी से लड़ने के लिए व्यापार शुरू करने की सलाह दी है और कहा कि, ''अगर अर्थव्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो पाकिस्तान को विनाशकारी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं, लिहाजा पाकिस्तान को भारत के साथ व्यापार संबंधों में सुधार करना चाहिए और आर्थिक विकास के लिए एक क्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि, यूरोप ने दो भयानक युद्ध लड़े, लेकिन अंततः शांति और क्षेत्रीय विकास के लिए समझौता किया। कोई स्थायी दुश्मनी नहीं है।"
दोनों देशों के बीच व्यापार पर 'ताला' आपको बता दें कि, अगस्त 2019 से पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को निलंबित कर दिया गया है। पिछले साल भी गर्मियों के महीने में दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे से बातचीत की खबरें आईं थी और रिपोर्ट्स में तो यहां तक कहा गया था कि, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच दुबई में बैठक भी हुई थी, लेकिन इसकी पुष्टि दोनों में से किसी भी देश ने नहीं की। लेकिन, उसके ही कुछ दिनों के बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ अचानक व्यापारिक रिश्ता बहाल करने का फैसला लिया था, लेकिन घरेलू राजनीति की वजह से इमरान सरकार ने भारत के साथ व्यापार करने वाले फैसले पर यू-टर्न ले लिया था। विवाद बढ़ने के बाद पाकिस्तान सरकार ने कहा था कि, कश्मीर में जब तक अनुच्छेद 370 की बहाली नहीं की जाती है, तब तक पाकिस्तान बात नहीं करेगा।
'व्यापार बढ़ाने की जरूरत' 'व्यापार बढ़ाने की जरूरत' पाकिस्तानी उद्योगपति ने लाहौर में पाकिस्तान सरकार से जल्द से जल्द भारत के साथ व्यापारिक संबंधों की बहाली की अपील करते हुए कहा कि, 'पाकिस्तान सरकार को प्रोग्रेसिव और बाजार आधारित नीति बनाते हुए भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को बहाल करना चाहिए'। हालांकि, पाकिस्तानी व्यापारी ने ये नहीं बताया कि, भारत और पाकिस्तान के बीच बैकचैनल बातचीत किन नेताओं के बीच हो रही है और आखिर बातचीत में इतनी गर्मजोशी कैसे आ गई, कि भारतीय प्रधानमंत्री के एक महीने में पाकिस्तान दौरा का दावा उन्होंने कर दिया। लेकिन, पहले भी आरोप लगते रहे हैं कि, कुछ उद्योगपति भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत में दोनों सरकारों को साथ ला रहे हैं। इससे पहले जब नवाज शरीफ की सरकार के दौरान पीएम मोदी अचानक पाकिस्तान गये थे, उस वक्त भी एक बड़े व्यापारी पर 'मध्यस्थता' करने का आरोप लगा था।
