पंजाब में कांग्रेस की टेंशन बढ़ाएंगे सुनील जाखड़, बोले- मेरे पास था 42 विधायकों का सपोर्ट

चंडीगढ़
पंजाब में सुनील जाखड़ कांग्रेस पार्टी का टेंशन बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा दावा किया है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के सीएम पद से हटने के बाद उनके पास 42 विधायकों का समर्थन हासिल था। उन्होंने यह भी कहा कि चन्नी को सिर्फ दो विधायकों का समर्थन मिला था। वहीं, सुखजिंदर रांधवा के साथ सिर्फ 16 और नवजोत सिंह सिद्धू के साथ कांग्रेस विधायक खड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस से बाहर होने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे कम पसंदीदा कैंडिडेत थे। जाखड़ का बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पार्टी आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन में जुटी है। पार्टी इसके लिए आंतरिक परामर्श कर रही है। मुकाबला कथित तौर पर सीएम चन्नी और नवजोत सिद्धू के बीच है।

वायरल हो रहा जाखड़ का वीडियो
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में सुनील जाखड़ को यह दावा करते हुए सुना जा सकता है कि कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब के सभी 79 विधायकों को पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के पिछले साल इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी वरीयता देने के लिए कहा था।

जाखड़ का दावा- चन्नी को मिला था सिर्फ दो विधायकों का समर्थन
सुनील जाखड़ ने अबोहर निर्वाचन क्षेत्र में अपने रिश्तेदार के लिए प्रचार करते हुए कहा, “सुनील जाखड़ को 42 विधायकों ने समर्थन दिया था। सुखजिंदर रंधावा को 16 वोट मिले और परनीत कौर को 12 विधायकों ने पसंद किया। उनके बाद नवजोत सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी थे, जिन्हें क्रमशः छह और दो विधायकों ने पसंद किया था।”उन्होंने कहा, "शीर्ष पद से वंचित होने के बावजूद, मैं बहुत खुश हूं कि ज्यादातर विधायकों ने मुझ पर भरोसा किया। मेरी नाराजगी सिर्फ इस बात से है कि सबसे ज्यादा वोट मिलने के बावजूद मुझे सिर्फ उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश की गई।''

 

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