सुप्रीम कोर्ट से बिक्रम सिंह मजीठिया को मिली राहत, गिरफ्तारी पर 23 फरवरी तक रोक लगी
नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट से शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने 23 फरवरी तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने मजीठिया को 23 फरवरी को ही संबंधित ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने और ड्रग मामले में जमानत के लिए आवेदन करने को कहा है। इससे पहले पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट ने मजीठिया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन उन्हें गिरफ्तारी से तीन दिन की राहत दी थी ताकि वह आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकें। अदालत ने देश नहीं छोड़ने सहित कुछ शर्तें भी लगाई थीं। मालूम हो कि मजीठिया शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के साले और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं।
क्या है मजीठिया के खिलाफ ड्रग्स का मामला?
मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में FIR दर्ज है। वह मादक पदार्थ मामले में आरोपी हैं। इस मामले में राज्य की अपराध शाखा ने मोहाली पुलिस थाने में 49 पन्नों की प्राथमिकी दर्ज की थी। दरअसल, 2013 में 6,000 करोड़ रुपये के ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश हुआ था। इस मामले के मुख्य आरोपी जगदीश भोला ने पूछताछ में ब्रिकम सिंह मजीठिया का नाम लिया था।
कांग्रेस पर चुनाव लड़ने से रोकने का आरोप लगाया
मजीठिया ने पिछले बुधवार को पंजाब की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया था कि वह उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ने से रोकने का प्रयास कर रही है। मजीठिया ने चुनाव आयोग से अपील की कि वह हाई कोर्ट के दिशनिर्देश का उल्लंघन करने, उनके आवास पर छापा मारने और उनके परिवार को परेशान करने के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराए। बिक्रम सिंह मजीठिया, मजीठा सीट के साथ-साथ अमृतसर पूर्व सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जहां से सिद्धू फिर से चुनाव मैदान में हैं।
