पिछड़ा वर्ग की स्थिति पर स्टडी के लिए सरकार ने आमजन से मांगे सुझाव
भोपाल
राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश में पिछड़ा वर्ग की वर्तमान स्थिति पर अध्ययन के लिए आमजन से सुझाव मांगे है। इन सुझावों के आधार पर मध्यप्रदेश में पिछड़े वर्गो के कल्याण के लिए अनुशंसाए की जाएंगी। सात फरवरी तक आमजन राज्य सरकार को सुझाव दे सकते है। अब तक सैकड़ों सुझाव सरकार के पास आए है लेकिन इसमें पिछड़े वर्ग की बेहतरी के अलावा इस वर्ग के अलावा आरक्षण से वंचित शेष वर्ग की बेहतरी के लिए भी प्रावधान करने के सुझाव मिले है।
ओबीसी कलाकारों को नेशनल प्लेटफार्म मिले
मोहम्मद जईद कुरैशी का कहना है कि ओबीसी आर्टिस्ट को नेशनल प्लेटफार्म दिया जाए। ओबीसी वालों के लिए कांपीटीशन का आयोजन किया जाए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए आगे लाया जाए और रोजगार दिया जाए। अभय कुमार शाह का कहना है कि ओबीसी के जो लोग गरीबी से जूझ रहे है उनके लिए सरकार नये कार्यक्रम शुरू करे। विद्यार्थी विदेश में जाकर अध्ययन कर सके इसके लिए उन्हें मदद मिले। संजय कुमार बूनकर का कहना है कि ओबीसी सामान्य वर्ग में ही सम्मिलित होना है पर इसमें आने वाली जातियां गरीबी और शिक्षा के रूप में पिछड़ी है।
सरपंच से लेकर सांसद तक ओबीसी नेता बढ़े
शुभि पटेल का सुझाव है कि राज्य के सरपंच से लेकर संसद सदस्य तक ओबीसी से राजनेताओं का कितना प्रतिशत है यह देखा जाए। ओबीसी की जनसंख्या और उसकी वृद्धि का अध्ययन कराया जाए। ओबीसी के लिए शुरू की गई नई योजनाओं और उनके लक्षित क्षेत्रों की पहचान करना। ऐसी योजनाओं की प्रभावशीलता की गणना कराई जाना चाहिए। प्रति व्यक्ति आय के साथ ओबीसी कामकाजी आबादी की आय की असमानता का पता लगाया जाए। राज्य में उच्च अध्ययन में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले ओबीसी छात्रों के प्रतिशत की गणना की जाए।
सम्पन्न अजा-जजा का आरक्षण बंद करें
विद्युत शर्मा ने सुझाव दिया है कि अनुसूचित जाति और जनजाति के जो लोग सम्पन्न घर से आते है उनका आरक्षण समाप्त किया जाना चाहिए। उनका सुझाव है कि सामान्य श्रेणी के बच्चे जो ईडब्ल्यूएस में नहीं आते है उन पर भी सरकार ध्यान दे। एमपीपीएससी और अन्य नौकरियों के एग्जाम में उनकी सीट्स बहुत कम है। आरक्षण के पचास प्रतिशत वाले नियम का पालन भी नहीं हो रहा है। काफी समय से सरकारी नौकरी नहीं निकली है। प्रदेश में बेरोजगारी उच्च स्तर पर है।
सभी आरक्षण समाप्त हों
लेखराज पाटीदार का सुझाव है कि सभी आरक्षण को खत्म कर परिवार की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर आरक्षण होना चाहिए। जिस परिवार के एक या दो व्यक्ति सरकारी विभाग में कार्यरत है उनके किसी दूसरे सदस्य को आरक्षण न मिले यह करना चाहिए ताकि सभी परिवार में कोई ना कोई सरकारी सेवा में जा सके और जो पीछे रह गए है वह आगे बढ़ सके।
