बजट उम्मीद 2022: फिनटेक और एनबीएफसी को टैक्स राहत की आस, जीएसटी-टीडीएस पर छूट की हो शुरुआत

नई दिल्ली।  

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और ऑनलाइन कर्ज देने वाली कंपनियों (फिनटेक) को इस साल बजट में कर राहत मिलने की उम्मीद है। कंपनियों का कहना है कि तरलता प्रवाह बढ़ाने के उपाय, खुदरा क्षेत्र में काम करने वाली एनबीएफसी के लिए कम लागत वाली फंडिंग के साथ-साथ जीएसटी और टीडीएस पर छूट की शुरुआत बजट में होनी चाहिए।

इस उद्योग का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने कई तरह के सुधार किए हैं। हालांकि, कोरोना संकट की चुनौती को देखते हुए फिनेटक और एनबीएफसी को इस साल बजट में टैक्स के मोर्चे पर कुछ राहत मिलने चाहिए। उनका कहना है कि इससे अर्थव्यवस्था में भी तेजी को भी बल मिलेगा। साथ ही कारोबार के विस्तार होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेगे।

नकदी की आसान उपलब्धता हो
एनबीएफसी और फिनटेक बैंक से कर्ज लेते हैं और फिर उसे उपभोक्ताओं तक पहुंचाती हैं। कंपनियों का कहना है कि उन्हें पूंजी जुटाने में काफी परेशानी आती है जिससे वह आसानी से कर्ज नहीं बांट जाती हैं। कंपनियों की मांग है कि बजट में वित्त मंत्री से उम्मीद है कि वह उनके लिए नकदी जुटाने के नियमों को आसान बनाएंगी। इसका अंतिम लाभ उपभोक्ताओं को होगा।
 

उपभोक्ताओं पर पड़ता है महंगे कर्ज का बोझ
लीफ फिनटेक के सीईओ और प्रबंध निदेशक (एमडी) मिलिंद गोवर्धन का कहना है कि फिनेटक बैंकों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेते हैं और फिर उसे उपभोक्ताओं को देते हैं। ऐसे में महंगे कर्ज का बोझ उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ता है। गोवर्धन का कहना है कि बैंकों के मुकाबले उपभोक्ताओं तक फिनटेक की पहुंच ज्यादा आसान है लेकिन ऊंचे ब्याज की वजह से उपभोक्ता उन्हें कम तरजीह देते हैं।

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